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अमेरिका ने श्रीलंका के पास ईरानी युद्धपोत 'IRIS देना' को डुबो दिया, जिससे 87 नाविकों की मौत हो गई; अब तक कुल 17 ईरानी जहाज तबाह हो चुके हैं।

नई दिल्ली : अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ा महायुद्ध अब अपने सबसे विनाशकारी चरण में पहुँच गया है। ईरान पर अमेरिकी हवाई हमलों के 100 घंटे पूरे होने के साथ ही तबाही के आंकड़े डराने वाले हैं। इस भीषण जंग में अब तक 1,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जबकि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के 17 युद्धपोतों को समुद्र में दफन कर दिया है। युद्ध की विभीषणता को दर्शाने के लिए अमेरिका ने ईरान पर किए गए हमलों का एक विशेष वीडियो भी जारी किया है।

​श्रीलंका के पास ईरानी युद्धपोत 'IRIS देना' पर अमेरिकी प्रहार

​हिंद महासागर में एक बड़ी सैन्य कार्रवाई के तहत अमेरिका ने बुधवार को ईरानी युद्धपोत 'IRIS देना' को श्रीलंका के पास टॉरपीडो से हमला कर डुबो दिया। श्रीलंकाई सरकार के अनुसार, इस हमले में 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए हैं।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पुष्टि की कि हिंद महासागर में तैनात अमेरिकी पनडुब्बी ने इस ईरानी जहाज को निशाना बनाया। यह युद्धपोत पिछले महीने भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित 'इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026' में हिस्सा लेकर लौट रहा था।

​ईरान का पलटवार: 9 देशों में 14 अमेरिकी बेस पर हमला

​भीषण बमबारी से बौखलाए ईरान ने भी अपनी मिसाइल शक्ति का प्रदर्शन करते हुए मिडिल ईस्ट के 9 अलग-अलग देशों में स्थित 14 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है।

ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इजरायल ने सत्ता परिवर्तन की कोशिश की, तो वह इजरायल के 'डिमोना न्यूक्लियर सेंटर' को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगा। ईरानी न्यूज एजेंसी ISNA के मुताबिक, उनके सैन्य अधिकारी इस परमाणु केंद्र पर हमले की पूरी तैयारी कर चुके हैं।

​सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा मिसाइल बेस का विनाश

​ईरान के भीतर हुए नुकसान की नई सैटेलाइट तस्वीरें जारी की गई हैं, जो तबाही की गवाही दे रही हैं। उत्तर ईरान के कर्मनशाह मिसाइल बेस की तस्वीरों से पता चला है कि हमलों में बेस की ज्यादातर इमारतें पूरी तरह टूट चुकी हैं। इतना ही नहीं, जमीन के नीचे बने बंकरों और मिसाइल गोदामों में जाने वाले रास्ते भी अमेरिकी बमबारी में बुरी तरह डैमेज हो गए हैं।

​लेबनान के शरणार्थी कैंप पर इजरायली हमला

​जंग की आग लेबनान तक भी पहुँच गई है। इजरायली सेना ने उत्तरी लेबनान के सबसे बड़े फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप 'बेदावी' पर हमला किया है। इस हमले के डर से राजधानी बेरुत में पूरी रात अफरा-तफरी का माहौल रहा और लोग संभावित हमलों की आशंका में हवा में गोलियां चलाते नजर आए। वहीं, दक्षिण ईरान में एक लड़कियों के स्कूल पर गिरी मिसाइल से 168 लोगों की मौत की खबर है, जिसके लिए इजरायल ने ईरान की ही मिसाइल को जिम्मेदार ठहराया है।

अमेरिकी सैन्य तैयारी और ट्रंप का कड़ा रुख

​व्हाइट हाउस के सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी सैनिकों के खतरे में पड़ने से पहले ही ईरान की ताकत को कुचल दिया जाएगा। इस मिशन के लिए अमेरिका ने 50,000 सैनिक, 200 फाइटर जेट और बी-52 जैसे शक्तिशाली बॉम्बर्स को मैदान में उतारा है। अमेरिका ने पहली बार 'PrSM' (प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल) और 'कामिकेज़ ड्रोन' का इस्तेमाल कर ईरान के कमांड सेंटरों को निशाना बनाया है।

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