Benjamin Netanyahu on Hezbollah: इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर खत्म होते दिखाई रहा है। गुरुवार, 9 अप्रैल को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनकी सेना हिजबुल्लाह के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को नहीं रोकेगी। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल 'पूरी ताकत, सटीकता और दृढ़ संकल्प' के साथ हिजबुल्लाह पर हमले जारी रखेगा, चाहे वे कहीं भी छिपे हों।
नेतन्याहू बोले- जहां जरूरी होगा, वहीं करेंगे प्रहार
पीएम नेतन्याहू ने अपने संबोधन में कहा कि इजरायली सेना का अभियान किसी भौगोलिक सीमा में बंधा नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा, "हमारा संदेश साफ है—जो कोई भी इजरायली नागरिकों के खिलाफ काम करेगा, हम उसे मार गिराएंगे।" नेतन्याहू के अनुसार, इन हमलों का मुख्य उद्देश्य उत्तरी इजरायल में सुरक्षा बहाल करना है ताकि विस्थापित निवासी अपने घरों को सुरक्षित लौट सकें।
10 मिनट में 100 ठिकानों को बनाया निशाना
नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने हिजबुल्लाह को पेजर धमाकों के बाद सबसे बड़ा झटका दिया है। उन्होंने बताया कि इजरायली वायुसेना ने महज 10 मिनट के भीतर हिजबुल्लाह के 100 ठिकानों पर हमला किया। ये हमले उन जगहों पर किए गए जिन्हें हिजबुल्लाह सुरक्षित और अभेद्य मानता था। इस हमले में हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम का भतीजा और निजी सचिव भी मारा गया है।
ईरान ने लगाया समझौते के उल्लंघन का आरोप
दूसरी ओर, इजरायल की इन सैन्य कार्रवाइयों ने अस्थायी सीजफायर को खतरे में डाल दिया है। ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर समझौते की शर्तों को तोड़ने का आरोप लगाया है। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा कि इजरायल ने '10-सूत्रीय प्रस्ताव' के तीन प्रमुख प्रावधानों का उल्लंघन किया है। इसमें लेबनान में युद्धविराम का उल्लंघन, ईरानी हवाई क्षेत्र का अतिक्रमण और यूरेनियम संवर्धन के अधिकार से इनकार शामिल है।
इस्लामाबाद वार्ता से हट सकता है ईरान
ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इस सप्ताहांत पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली अगली दौर की बातचीत से पीछे हट सकता है। गालिबाफ ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिका पर ईरान का ऐतिहासिक अविश्वास उसके बार-बार वादों से मुकरने के कारण है। उन्होंने साफ कहा कि अगर समझौते का सम्मान नहीं हुआ, तो ईरान बातचीत की मेज पर नहीं लौटेगा।
हिजबुल्लाह पर नेतन्याहू की दो टूक
ईरान के आरोपों के जवाब में नेतन्याहू ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुए अस्थायी समझौते में लेबनान या हिजबुल्लाह का जिक्र शामिल नहीं था। नेतन्याहू ने जोर देकर कहा, "मैंने इस बात पर जोर दिया था कि ईरान के साथ अस्थायी सीजफायर में हिजबुल्लाह को शामिल न किया जाए। इसलिए हम उन पर जोरदार प्रहार करना जारी रखेंगे।" इस बयान के बाद अब क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।










