दुनिया अभी अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के सीजफायर की राहत महसूस ही कर रही थी कि तेहरान ने एक ऐसा दांव चल दिया जिसने वैश्विक व्यापार की कमर तोड़ दी है।
ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल जलडमरूमध्य, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से गुजरने वाले हर तेल टैंकर पर 'टोल टैक्स' वसूलने का ऐलान किया है।
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि ईरान यह भुगतान डॉलर या अपनी मुद्रा के बजाय 'बिटकॉइन' में मांग रहा है। इस सख्त नियम की वजह से खाड़ी के समंदर में करीब 400 तेल टैंकर कतार में खड़े हो गए हैं और दुनिया भर की शिपिंग कंपनियों में दहशत का माहौल है।
1 डॉलर प्रति बैरल और बिटकॉइन की शर्त: ईरान का नया नियम
ईरान ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले हर तेल टैंकर को अब 1 डॉलर प्रति बैरल का शुल्क देना होगा। अगर एक टैंकर में 10 लाख बैरल तेल है, तो उसे 10 लाख डॉलर चुकाने होंगे।
ईरान के तेल और गैस निर्यात संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यह भुगतान केवल क्रिप्टोकरेंसी में ही स्वीकार किया जाएगा। जानकारों का मानना है कि ईरान ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि वह अमेरिकी प्रतिबंधों और डॉलर की निगरानी से बचते हुए सीधे डिजिटल फंड इकट्ठा कर सके।
समंदर में पार्किंग लॉट जैसा नजारा: 400 जहाज कतार में
ईरानी नौसेना की इस सख्ती का असर यह हुआ है कि समंदर में जहाजों की लंबी कतार लग गई है। वर्तमान में करीब 400 टैंकर होर्मुज के मुहाने पर फंसे हुए हैं, जिससे समंदर का नजारा किसी बड़े 'पार्किंग लॉट' जैसा हो गया है।
इन जहाजों में लाखों बैरल कच्चा तेल भरा हुआ है। मस्क जैसी बड़ी शिपिंग कंपनियों ने फिलहाल अपने जहाजों को रोक दिया है, क्योंकि उन्हें डर है कि बिना अनुमति या टोल दिए आगे बढ़ने पर ईरानी सेना उन पर हमला कर सकती है।
ई-मेल पर देनी होगी पूरी डिटेल और सामान की तलाशी
ईरान ने टोल के साथ-साथ सुरक्षा जांच के नियम भी बेहद कड़े कर दिए हैं। नए नियमों के मुताबिक, हर टैंकर को गुजरने से पहले एक ई-मेल भेजकर अपने सामान की पूरी डिटेल ईरान को देनी होगी।
ईरान के अधिकारियों का तर्क है कि वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सीजफायर के इन दो हफ्तों का इस्तेमाल दुश्मन देश हथियारों की तस्करी के लिए तो नहीं कर रहे। जब तक ईरानी अधिकारी सामान की पूरी तलाशी नहीं ले लेंगे, तब तक किसी भी टैंकर को 'हरी झंडी' नहीं मिलेगी।
रेडियो पर गूंजती चेतावनी: "बिना टोल आगे बढ़े तो होगा हमला"
समंदर में तनाव इतना अधिक है कि ईरानी कोस्ट गार्ड रेडियो पर लगातार जहाजों को चेतावनी दे रहे हैं। संदेश साफ है- "अगर किसी ने बिना इजाजत या बिना टोल दिए निकलने की कोशिश की, तो उस पर हमला किया जा सकता है।"
इस सख्ती की वजह से शिपिंग कंपनियां डरी हुई हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे पीछे हटें या ईरान की शर्तों को मानकर आगे बढ़ें।
ट्रंप का स्टैंड: "सुरक्षित रास्ता मिले बिना कोई समझौता नहीं"
इस नए संकट ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में बड़ा रोड़ा अटका दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी स्थिति साफ कर दी है।
ट्रंप का कहना है कि कोई भी समझौता तभी टिक पाएगा जब ईरान इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते को पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से खुला रखेगा। वहीं, ओमान जैसे पड़ोसी देशों ने भी ईरान के इस 'टोल' वाले आइडिया को गलत बताया है, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का उल्लंघन है।










