मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है। ईरान ने स्पष्ट कहा है कि युद्ध कब खत्म होगा, इसका फैसला अमेरिका नहीं बल्कि तेहरान करेगा।
ईरान की सैन्य संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि क्षेत्र की स्थिति और युद्ध का भविष्य अब ईरान की सेनाओं के हाथ में है।
ईरान का सख्त बयान
आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा कि युद्ध को समाप्त करने का फैसला ईरान करेगा। संगठन के अनुसार मिडिल ईस्ट में बदलते हालात और आगे की रणनीति अब पूरी तरह तेहरान की सेना के नियंत्रण में है।
आईआरजीसी ने कहा,“युद्ध का अंत कब होगा, यह हम तय करेंगे। इस क्षेत्र के समीकरण और भविष्य की स्थिति अब हमारी सेना के हाथ में है। अमेरिका यह तय नहीं करेगा कि संघर्ष कब खत्म होगा।”
ट्रंप ने क्या कहा था?
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि ईरान के खिलाफ चल रहा संघर्ष ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। उन्होंने कहा था कि यह लड़ाई कम समय में खत्म हो सकती है।
मियामी के पास अपने गोल्फ क्लब में रिपब्लिकन सांसदों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका का अभियान सीमित समय का हो सकता है। हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि ईरान वैश्विक तेल आपूर्ति में बाधा डालता है तो संघर्ष और बढ़ सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दी चेतावनी
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि यदि ईरान Strait of Hormuz से गुजरने वाली तेल आपूर्ति को रोकने की कोशिश करता है, तो अमेरिका पहले से कहीं ज्यादा बड़ा सैन्य हमला करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अमेरिका ईरान पर अब तक हुए हमलों से 20 गुना ज्यादा ताकत से जवाब देगा।
बढ़ सकता है मिडिल ईस्ट का तनाव
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती बयानबाजी से मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तेल आपूर्ति और समुद्री मार्गों को लेकर टकराव बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।