Middle East Conflict: मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के 33वें दिन इजराइली वायुसेना ने ईरान में अपने ऑपरेशन को और तेज कर दिया है। इजराइल का दावा है कि उसने मंगलवार को महज 24 घंटों के भीतर ईरान के विभिन्न हिस्सों में 230 से ज्यादा हवाई हमले किए हैं।
इसी बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक नया वीडियो जारी किया है, जिसमें ईरान के अंडरग्राउंड सैन्य ठिकानों पर 'प्रिसिजन म्यूनिशन' से की गई सटीक बमबारी दिखाई गई है।
U.S. forces drop precision munitions on underground military targets deep inside Iran to further degrade the Iranian regime's ability to project power in meaningful ways beyond its borders. pic.twitter.com/ciQRbE0KFM
— U.S. Central Command (@CENTCOM) April 1, 2026
इजराइल के मुताबिक, ये हमले सोचे-समझे 'प्लॉन्ड ऑपरेशन' का हिस्सा हैं, जिनका मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह पंगु बनाना है। वहीं, ईरान ने आरोप लगाया है कि इन हमलों में केवल सैन्य ठिकाने ही नहीं, बल्कि रिहायशी इलाकों और आम नागरिकों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में अब तक ईरान के कम से कम 4,770 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो चुकी है और 21,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
ट्रंप का संबोधन और '2-3 हफ्तों में युद्ध खत्म' होने का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज रात 9:00 बजे में देश को संबोधित करने वाले हैं। इससे पहले ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अगले 2 से 3 हफ्तों में खत्म हो सकता है।
TUNE IN: Tomorrow night at 9PM ET, President Trump will give an Address to the Nation to provide an important update on Iran.
— Karoline Leavitt (@PressSec) March 31, 2026
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था, जो अब लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि होर्मुज स्टेट को खुला रखना अब केवल अमेरिका की जिम्मेदारी नहीं है और अन्य देशों को अपने हितों की सुरक्षा खुद करनी चाहिए।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने पुष्टि की है कि ट्रंप का आज का संबोधन 'ईरान ऑपरेशन' के अंतिम चरण पर केंद्रित होगा।
चीन-पाकिस्तान का 5 सूत्री सीजफायर प्लान
जंग के बढ़ते दायरे को देखते हुए चीन और पाकिस्तान ने हाथ मिलाया है। बीजिंग में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद चीन के विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने एक '5 पॉइंट पीस प्लान' जारी किया है। इस योजना के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- लड़ाई को तुरंत रोका जाए और युद्ध का विस्तार न हो।
- सभी देशों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए जल्द से जल्द शांति वार्ता शुरू हो।
- आम लोगों और सिविल इलाकों पर हमले तत्काल बंद किए जाएं।
- होर्मुज स्टेट के समुद्री रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- संयुक्त राष्ट्र (UN) के नियमों के तहत एक स्थायी शांति समझौता हो।
आर्थिक तबाही: ₹18 लाख करोड़ का नुकसान और तेल का संकट
यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) ने इस युद्ध के वैश्विक और क्षेत्रीय आर्थिक प्रभावों पर एक डरावनी रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस संघर्ष के कारण मिडिल ईस्ट की अर्थव्यवस्था को करीब ₹18 लाख करोड़ का नुकसान हो सकता है।
क्षेत्र की GDP में 3.7% से 6% तक की गिरावट आ सकती है। युद्ध के कारण होर्मुज स्टेट से जहाजों की आवाजाही 70% तक घट गई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गई हैं। UNDP ने चेतावनी दी है कि यदि जंग तुरंत नहीं रुकी, तो पूरे क्षेत्र में 16 लाख से 36 लाख लोगों की नौकरियां जा सकती हैं।









