अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में हुए एक जबरदस्त धमाके का वीडियो शेयर कर सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। इस वीडियो में एक के बाद एक कई धमाके होते दिखाई दे रहे हैं, जिनसे उठी आग की लपटों ने रात के आसमान को नारंगी रंग में बदल दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना ईरान के प्रमुख शहर Isfahan में मंगलवार तड़के हुई। हालांकि ट्रंप ने वीडियो के साथ कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की, लेकिन कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स दावा कर रही हैं कि यह अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त हमले का फुटेज हो सकता है।
बताया जा रहा है कि इस्फहान में स्थित एक बड़े गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाया गया। धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास के इलाकों में शॉकवेव्स महसूस की गईं और आग के बड़े-बड़े गोले आसमान में उठते दिखे।
JUST IN: 🇮🇷🇺🇸🇮🇱 Isfahan shaken by massive blasts following U.S.-Israeli strikes. pic.twitter.com/0lTBhJ0b7C
— Donald J Trump Posts TruthSocial (@TruthTrumpPost) March 31, 2026
‘बंकर बस्टर’ बमों से हमला
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया है कि इस हमले में 2,000 पाउंड (करीब 907 किलोग्राम) के ‘बंकर बस्टर’ बमों का इस्तेमाल किया गया। ये खास तरह के बम जमीन के अंदर बने ठिकानों को तबाह करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
अधिकारी के मुताबिक, हमले में बड़ी संख्या में ‘पेनेट्रेटर’ गोला-बारूद का उपयोग किया गया, जिससे विस्फोटों की लंबी श्रृंखला शुरू हो गई और पूरे इलाके में भारी तबाही मच गई।
क्यों निशाने पर आया इस्फहान?
रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि ईरान ने हाल ही में लगभग 540 किलोग्राम उच्च स्तर पर समृद्ध यूरेनियम को इस्फहान की एक भूमिगत सुविधा में शिफ्ट किया था। माना जा रहा है कि इसी कारण यह शहर हमले के केंद्र में आया।
गौरतलब है कि इससे पहले भी ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के तहत अमेरिका इस इलाके को निशाना बना चुका है। उस समय भी मुख्य उद्देश्य यहां की परमाणु सुविधाओं को नुकसान पहुंचाना बताया गया था।










