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Indian-Origin UK Couple Sentenced to 33 Years: ऑस्ट्रेलिया के साउथवार्क क्राउन कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान जज ने आरती धीर और कंवलजीत सिंह रायजादा को ड्रग्स निर्यात के 12 और मनी लॉन्ड्रिंग के 18 मामलों में दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों को 33-33 साल की सजा सुनाई है।

Indian-Origin UK Couple Sentenced to 33 Years: ब्रिटेन में रहने वाले एक भारतीयवंशी जोड़े को ऑस्ट्रेलिया की एक अदालत ने 33-33 साल की सजा सुनाई है। पश्चिमी लंदन के ईलिंग की रहने वाली 59 वर्षीय आरती धीर और 35 वर्षीय कवलजीत सिंह रायजादा ने ड्रग्स तस्करी से करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर लिया था। इस जोड़े पर भारत के गुजरात में अपने दत्तक पुत्र की हत्या करने का भी आरोप है। भारत ने ब्रिटेन से दोनों के प्रत्यर्पण की मांग की थी। लेकिन अस्वीकार कर दी गई थी। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया के साउथवार्क क्राउन कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान जज ने आरती धीर और कंवलजीत सिंह रायजादा को ड्रग्स निर्यात के 12 और मनी लॉन्ड्रिंग के 18 मामलों में दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों को 33-33 साल की सजा सुनाई है। हालांकि आरती धीर और कंवलजीत सिंह रायजादा ने ऑस्ट्रेलिया को कोकीन निर्यात करने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से  इनकार किया।

2021 में पकड़ी थी 600 करोड़ की कोकीन
राष्ट्रीय अपराध एजेंसी (NCA) के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई सीमा बल ने मई 2021 में सिडनी पहुंची आधा टन से अधिक कोकीन पकड़ी थी, जिसकी कीमत 57 मिलियन पाउंड यानी 600 करोड़ रुपये से अधिक है। कोकीन को टूल बॉक्स में बड़ी चालाकी से छुपाया गया था। जांच में पता चला कि कोकीन आरती धीर और कंवलजीत की है। दोनों ने अपने ड्रग्स तस्करी नेटवर्क को सुविधाजनक बनाने के लिए विफ्लाई फ्रेट सर्विसेज नामक एक फ्रंट कंपनी बना रखी थी। 

दंपति ने बनाई थी शेल कंपनी
अदालत में अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि दंपति की शेल (मुखौटा) कंपनी ने यूके से एक कॉमर्शियल फ्लाइट के माध्यम से नशीले पदार्थों को भेजा था। जब अधिकारियों ने टूलबॉक्स को खोला, तो उन्हें 514 किलोग्राम कोकीन मिली। ऑस्ट्रेलिया में नशीली दवाओं की कीमतें ब्रिटेन से काफी अधिक हैं। थोक में ब्रिटेन में एक किलो कोकीन की कीमत 26 हजार पाउंड तो वहीं ऑस्ट्रेलिया में एक किलो कोकीन की कीमत 110,000 पाउंड है। 

21 जून, 2021 में हुई थी गिरफ्तारी
एनसीए ने आरती धीर और कंवलजीत के आवास पर मिले टूलबॉक्स और रसीदों की प्लास्टिक रैपिंग से सबूत जुटाए। जिसपर रायजादा की उंगलियों के निशान मिले। धीर और रायजादा दोनों हीथ्रो फ्लाइट सर्विस कंपनी में पहले से कार्यरत थे, उन्होंने अपनी अवैध गतिविधियों पर पर्दा डालने के लिए हवाई अड्डे की माल ढुलाई प्रक्रियाओं के अपने अंदरूनी जानकारी का फायदा उठाया। हालांकि, उनकी काली कारतूतों से तब पर्दा उठ गया जब जोड़े को 21 जून, 2021 को उनके हैनवेल निवास पर गिरफ्तार किया गया। उस वक्त पर्याप्त मात्रा में नकदी और सोने की परत वाली चांदी की छड़ें मिली थीं।

Arti Dhir and Kavaljit singh Raijada
Arti Dhir and Kavaljit singh Raijada

साढ़े 8 करोड़ का खरीदा था फ्लैट
पिछले साल फरवरी में जांच से दंपति की छिपी हुई संपत्ति का खुलासा हुआ। एनसीए अधिकारियों ने पश्चिम लंदन में एक स्टोर यूनिट में बक्से और सूटकेस में छुपाए गए लगभग 3 मिलियन पाउंड नकदी बरामद की थी। दंपति ने ईलिंग में 800,000 पाउंड (लगभग 8.5 करोड़ रुपये) में एक फ्लैट और 62,000 पाउंड में एक लैंड रोवर खरीदा था। 2019 से 22 अलग-अलग बैंक खातों में उनकी लगभग 740,000 पाउंड की नकद जमा ने व्यापक मनी लॉन्ड्रिंग का संदेह पैदा किया।

गुजरात में की थी 11 साल के बच्चे की हत्या
आरती धीर और कंवलजीत सिंह रायजादा पर गुजरात में अपने दत्तक पुत्र गोपाल सेजानी की हत्या करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, 2017 में 11 वर्षीय बच्चे की हत्या कर दी गई थी। भारतीय जोड़ा गोपाल को गोद लेने के लिए 2015 में गुजरात आया था। दोनों ने बच्चे को लंदन में बेहतर जीवन देने का वादा किया था। हालांकि, 8 फरवरी 2017 को गोपाल का अपहरण कर लिया गया। फिर उसकी चाकू से रेतकर उसकी हत्या कर दी गई। बाद में शव सड़क किनारे मिला था। पुलिस ने खुलासा किया था कि गोद लेने के बाद बीमा की रकम हड़पने के लिए यह पूरी साजिश रची गई थी। 

गोपाल एक किसान परिवार का लड़ता था। वह अपनी बड़ी बहन और उसके पति के साथ रहता था। गुजरात पुलिस ने 2019 में प्रत्यर्पण की मांग की थी। लेकिन अनुरोध को अस्वीकार कर दिया गया था। इसके बाद 2020 में लंदन में उच्च न्यायालय में अपील की गई थी। 

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