बेमेतरा। बेमेतरा जिले के शासकीय कन्या प्राथमिक शाला देवकर में होलिका दहन उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमेें बच्चों ने शिक्षिका के साथ मिलकर होलिका का निर्माण किया। सुंदर रंगोली से सजावट की। होलिका की परिक्रमा और पूजा करके होलिका दहन का त्यौहार मनाया गया।
इस मौके पर प्रधान पाठक गिरिजा पटेल ने होलिका दहन की कहानी बच्चों को सुनाया गया। बच्चों ने स्वतंत्र लेखन के रूप में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लिखा। साथ ही होलिका और होली से संबंधित सुंदर चित्र भी बच्चों बनाया गया।
होलिका दहन के बारे में बच्चों को दी जानकारी
प्रधान पाठक गिरिजा पटेल ने बच्चों को बताया गया कि, होलिका दहन की कथा भक्त प्रहलाद और होलिका से जुड़ी है। मान्यता है कि, भक्त प्रहलाद को जलाने के लिए होलिका अग्नि में बैठी थी। लेकिन भगवान की कृपा से प्रहलाद सुरक्षित बच गए और होलिका जल गई। इसलिए अग्नि की परिक्रमा करना बुराई का अंत और अच्छाई कि जीत का प्रतीक है।

होलिका दहन से जुड़ी धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व के बारे में दी जानकारी
उन्होंने ने कहा कि, यह होलिका दहन मनाए जाने का धार्मिक कारण है प्रत्येक त्यौहार मनाने के पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक कारण और मान्यताएं जुड़े होती है। होलिका दहन के पीछे वैज्ञानिक कारण बदलते मौसम सर्दियों से गर्मियों में वातावरण को शुद्ध करना और स्वास्थ्य लाभ है। जलती हुई होली का उच्च तापमान हवा और शरीर में मौजूद हानिकारक कीटाणुआ और बैक्टीरिया को नष्ट कर देता है जिससे बीमारियां कम होती है। यह संक्रमण रोकने की प्राचीन चिकित्सा पद्धति भी है। इस जानकारी को सुनकर बच्चे बहुत प्रसन्न हुए और अपने घर में भी इस जानकारी को प्रेषित करेंगे ऐसा कहा गया।
बच्चों काफी उत्साह का माहौल
होलिका दहन कार्यक्रम में बच्चों काफी उत्साह का माहौल देखने को मिला है। बच्चों ने होलिका दहन से ही तैयारी कर दी थी। बच्चों ने होली की शुभकामनाएं दी। इस आयोजन में प्रधान पाठक गिरिजा पटेल वीना रावटे, महेशीया निषाद और शाला परिवार के बच्चे सम्मिलित रहे।









