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लेबनान में इजरायली बमबारी से 31 लोगों की मौत, चारों तरफ मलबे का ढेर। ईरान ने पहली बार कुवैत और दोहा को सीधे तौर पर निशाना बनाकर युद्ध को नया मोड़ दिया।

Us-Israel Attack Iran : पश्चिम एशिया में बारूद की गूंज अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रही है। सोमवार को इजरायली वायुसेना ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर अब तक का सबसे भीषण हमला किया, जिसमें 31 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी अपनी मिसाइल शक्ति का प्रदर्शन करते हुए कुवैत, दोहा और अबू धाबी को निशाना बनाया है। इस पलटवार ने खाड़ी के उन देशों की चिंता बढ़ा दी है, जो अब तक इस युद्ध से सीधे तौर पर दूर थे।

​लेबनान में तबाही: इजरायल ने तोड़ी हिजबुल्लाह की कमर

​इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने दावा किया है कि लेबनान पर किए गए हालिया हवाई हमले रणनीतिक रूप से बेहद सफल रहे हैं। इन हमलों में हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर्स और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया गया। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मरने वालों में ज्यादातर आम नागरिक हैं। इजरायल का कहना है कि जब तक उसकी उत्तरी सीमा सुरक्षित नहीं हो जाती, तब तक ये हमले रुकेंगे नहीं।

​ईरान का खाड़ी देशों पर हमला: कुवैत और दोहा में सायरन की गूंज

​ईरान ने इस बार युद्ध का दायरा बढ़ाते हुए कुवैत और कतर की राजधानियों पर ड्रोन्स और मिसाइलों से हमला किया है। कुवैत सिटी और दोहा के आसमान में आज सुबह कई धमाके सुने गए, जिसके बाद पूरे शहर में एयर रेड सायरन बजने लगे। ईरान का तर्क है कि ये देश अमेरिका और इजरायल को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने दे रहे हैं, इसलिए उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।

​'समझौता मुमकिन नहीं': ईरान ने ठुकराई अमेरिका की पेशकश

​ईरान के शीर्ष अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत या गुप्त समझौते के पक्ष में नहीं हैं। ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप 'इजरायल फर्स्ट' की नीति पर चल रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने सर्वोच्च नेता और संप्रभुता की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ेगा।

​साइप्रस में ब्रिटिश बेस पर हमला: बढ़ता जा रहा है युद्ध का दायरा

​यह युद्ध अब केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहा। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, भूमध्य सागर में स्थित साइप्रस में ब्रिटिश सैन्य बेस पर भी हमला किया गया है। माना जा रहा है कि यह हमला ईरान समर्थित गुटों द्वारा किया गया है। साइप्रस में ब्रिटिश ठिकानों को निशाना बनाना यह संकेत देता है कि यह संघर्ष अब सीधे तौर पर नाटो (NATO) शक्तियों को भी उकसा रहा है।

​बहरीन और यूएई में हाई अलर्ट: सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए लोग

​ईरानी मिसाइलों के खतरे को देखते हुए बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। बहरीन में प्रमुख पुलों और सार्वजनिक स्थलों को बंद कर दिया गया है। यूएई ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा है। खाड़ी के देशों में रह रहे लाखों विदेशी कामगारों और भारतीय नागरिकों के बीच भी इस समय भारी दहशत का माहौल है।

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