West Asia War: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण समुद्री व्यापार पर आए संकट के बीच भारत के दो और एलपीजी टैंकर, 'जग वसंत' और 'पाइन गैस', वतन वापसी के लिए तैयार हैं। जानकारी के अनुसार, भारतीय ध्वज वाले ये दोनों जहाज वर्तमान में फारस की खाड़ी से भारत की ओर बढ़ रहे हैं और लारक केशव चैनल (Larak Qeshm Channel) के रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करेंगे। इस क्षेत्र को पार करने के बाद ये जहाज सीधे भारतीय बंदरगाहों पर अपनी एलपीजी खेप लेकर पहुंचेंगे, जिससे घरेलू बाजार में रसोई गैस की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
कूटनीतिक प्रयासों से मिला सुरक्षित रास्ता
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी से जारी संघर्ष के कारण ईरान और ओमान के बीच सैकड़ों जहाज फंसे हुए थे। भारत सरकार की सक्रिय कूटनीति का ही परिणाम है कि पिछले सप्ताह 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' नामक दो भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से गुजरात पहुंचने में सफल रहे थे। अब 'जग वसंत' और 'पाइन गैस' के निकलने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, भारत अपने नागरिकों और ऊर्जा हितों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ लगातार संपर्क में है।
निर्यातकों के लिए 497 करोड़ रुपये का राहत पैकेज
युद्ध के कारण रसद और व्यापार पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने सक्रिय कदम उठाए हैं। सरकार ने प्रभावित निर्यातकों (Exporters) की सहायता के लिए 497 करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं कुवैत सहित अन्य खाड़ी देशों के नेताओं के साथ सीधे संवाद में हैं, ताकि समुद्री रास्तों पर भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह पैकेज उन व्यापारियों के लिए संजीवनी साबित होगा जिनका माल युद्ध क्षेत्र में फंसा हुआ है।
ईरान के खिलाफ वैश्विक गठबंधन का सख्त रुख
होर्मुज जलडमरूमध्य को 'अघोषित' रूप से बंद किए जाने पर दुनिया के 20 से अधिक देशों ने कड़ी आपत्ति जताई है। संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर ईरान की कार्रवाई की निंदा की है। वैश्विक गठबंधन ने कहा है कि निहत्थे वाणिज्यिक जहाजों और तेल-गैस बुनियादी ढांचे पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। भारत भी इस पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।









