13:07 PM(2 hours ago )
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 2 बजे लोकसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें वे पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से जुड़े अहम घटनाक्रमों और इस पर भारत के रुख पर बात करेंगे।
11:55 AM(3 hours ago )
अमेरिकी सेना ने 9 मार्च 2026 को ईरान के उत्तरी-मध्य कोम प्रांत में स्थित कोम टर्बाइन इंजन उत्पादन प्लांट पर हवाई हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने X पर जारी पोस्ट में पुष्टि की कि यह सुविधा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हमलावर ड्रोन और विमानों के लिए गैस टर्बाइन इंजन और पुर्जे बनाती थी।
CENTCOM ने कहा, "कोम टर्बाइन इंजन उत्पादन प्लांट IRGC के ड्रोन और हमलावर विमानों के इंजन निर्माण का प्रमुख केंद्र था, जिसे अब निशाना बनाया गया है।" हमले से पहले (6 मार्च 2026) और हमले के तीन दिन बाद की सैटेलाइट तस्वीरों में प्लांट में बड़े पैमाने पर तबाही दिखाई गई है – इमारतें ध्वस्त, उत्पादन क्षेत्र पूरी तरह नष्ट।
यह हमला ईरान की ड्रोन क्षमता को कमजोर करने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा है, जो क्षेत्र में जारी युद्ध के बीच IRGC की 'वन-वे अटैक ड्रोन' और अन्य हथियारों की आपूर्ति पर सीधा असर डाल रहा है। ईरान ने हमले की निंदा की है और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है।
11:53 AM(3 hours ago )
शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार को अमेरिका-ईरान-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के भारत में आम लोगों पर पड़ रहे गंभीर प्रभाव को लेकर चिंता जताई।पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “यह संघर्ष अब सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहा, इसका सीधा असर हमारे आम नागरिकों पर पड़ रहा है। LPG की भारी कमी हो गई है। रेस्टोरेंट खुल तो रहे हैं, लेकिन मेन्यू में आधे से ज्यादा आइटम उपलब्ध नहीं हैं क्योंकि गैस ही नहीं है। यह समस्या पिछले तीन हफ्तों से लगातार बनी हुई है।”
प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा कि दुनिया के किसी भी देश की तरफ से अब तक शांति बहाली की कोई ठोस पहल नहीं दिख रही, जिससे तेल और गैस आपूर्ति पर संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने और वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की।
यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज स्ट्रेट के आसपास तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है और भारत जैसे आयात-निर्भर देशों में LPG, पेट्रोल-डीजल जैसी जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता पर असर दिखने लगा है।
09:40 AM(5 hours ago )
ईरान की राजधानी तेहरान में सोमवार को कई जगहों पर जोरदार धमाकों की खबरें आई हैं। फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, इजरायली मिसाइलों ने शाहिद बाबाई एक्सप्रेसवे के पास कम से कम दो स्थानों और शहर के पूर्वी बाहरी इलाके गर्मदारेह क्षेत्र को निशाना बनाया।
सबसे बड़ा धमाका व्यस्त हाफ़िज़-जोमहूरी चौराहे (हाफ़िज़ जंक्शन) पर सुना गया, जो तेहरान का एक घनी आबादी वाला और व्यावसायिक केंद्र है। इस इलाके में सरकारी दफ्तर, दुकानें, बाजार और रिहायशी इमारतें मौजूद हैं।
अल जज़ीरा ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए बताया कि धमाकों से शहर में अफरा-तफरी मच गई है। अभी तक हताहतों या नुकसान की आधिकारिक संख्या जारी नहीं हुई है, लेकिन ईरानी मीडिया ने इसे "इजरायली आक्रामकता" का हिस्सा बताया है।
ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच यह तेहरान पर सीधे हमलों की नई कड़ी है, जिससे राजधानी में सुरक्षा अलर्ट बढ़ गया है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जवाबी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है।
09:38 AM(5 hours ago )
ईरान के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और US-इज़राइल हमलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग नए सुप्रीम लीडर के समर्थन में भी नजर आए।
09:37 AM(5 hours ago )
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की है कि मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच अमेरिकी सेना ईरान की 'वन-वे अटैक ड्रोन' (एकतरफा हमलावर ड्रोन) सुविधाओं पर हमले जारी रखे हुए है। CENTCOM के आधिकारिक बयान में कहा गया है, "अमेरिकी सेना ईरानी शासन की उन 'वन-वे अटैक ड्रोन' क्षमताओं को लगातार नष्ट कर रही है, जिनका इस्तेमाल उन्होंने पूरे क्षेत्र में नागरिकों को अंधाधुंध निशाना बनाने के लिए किया है।"
यह हमला ईरान के ड्रोन उत्पादन और लॉन्च साइट्स को लक्षित कर रहा है, जिससे ईरान की ड्रोन-आधारित हमले की क्षमता को कमजोर करने का प्रयास है। अमेरिका का दावा है कि ईरानी ड्रोन हमलों से क्षेत्रीय नागरिकों और सैन्य ठिकानों पर खतरा बढ़ा हुआ है।
यह कार्रवाई ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच तनाव के चरम पर हो रही है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे के सैन्य ढांचे को निशाना बना रहे हैं। CENTCOM ने आगे कहा कि ऐसे हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक ईरान की ड्रोन क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती।
09:33 AM(6 hours ago )
ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में एक रेडियो स्टेशन को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई है। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'मेहर' ने इसकी पुष्टि की है।
हमला होर्मुज़ जलडमरूमध्य के निकट स्थित इस रणनीतिक तटीय शहर के प्रसारण केंद्र पर हुआ। शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया गया है कि हमले से कुछ लोग हताहत हुए हैं, लेकिन घायलों की संख्या और नुकसान की पूरी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
यह घटना ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के बीच आई है, जहां हाल के दिनों में ईरान के कई संचार और सैन्य ठिकानों पर हमले हो चुके हैं। ईरानी अधिकारियों ने हमले को 'आतंकवादी' करार दिया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बंदर अब्बास ईरान का प्रमुख बंदरगाह और होर्मुज़ स्ट्रेट के नियंत्रण में महत्वपूर्ण शहर है, जिससे इस हमले का रणनीतिक महत्व और बढ़ जाता है। जांच जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
09:27 AM(6 hours ago )
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बिजली ग्रिड पर हमले की धमकी के जवाब में खाड़ी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रतिशोध की चेतावनी दी है। ईरानी सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोलफ़ाक़ारी ने सरकारी मीडिया को दिए बयान में कहा कि अगर अमेरिका या उसके सहयोगी ईरान के ईंधन और ऊर्जा ढांचे पर हमला करते हैं, तो खाड़ी के सभी अमेरिकी-संबद्ध ऊर्जा नेटवर्क, सूचना प्रौद्योगिकी प्रणालियां और जल विलवणीकरण (desalination) संयंत्र निशाना बनाए जाएंगे।
ज़ोलफ़ाक़ारी ने स्पष्ट किया, "यह हमारी पिछली चेतावनियों के ठीक अनुरूप होगा।" खाड़ी के देश जैसे सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और कुवैत पीने के पानी के लिए बड़े पैमाने पर desalination प्लांट्स पर निर्भर हैं, इसलिए ऐसे हमले से क्षेत्र में पानी और ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है।
यह धमकी ऐसे समय आई है जब ट्रंप ने ईरान को "अंतिम चेतावनी" देते हुए कहा था कि अगर ईरान ने अपने हमलों को नहीं रोका तो अमेरिका उसके बिजली ग्रिड और अन्य महत्वपूर्ण ढांचे को पूरी तरह तबाह कर देगा। ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच दोनों पक्षों की धमकियां तेज हो गई हैं, जिससे वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता और बढ़ गई है।
09:24 AM(6 hours ago )
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके ऊर्जा ढांचे पर हमला हुआ, तो वह खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा नेटवर्क, आईटी सिस्टम और पानी के प्लांट्स को निशाना बनाएगा।