अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार, 25 फरवरी को कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए अपने दूसरे कार्यकाल की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। अपने ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ (SOTU) संबोधन में उन्होंने ईरान, ऊर्जा नीति, वैश्विक टैरिफ, आप्रवासन और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर विस्तार से बात की।
ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले की कड़े शब्दों में आलोचना की, जिसमें उनके वैश्विक टैरिफ आदेशों को रद्द कर दिया गया था। कैपिटल हिल में सांसदों और न्यायाधीशों की मौजूदगी में उन्होंने इस फैसले को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” बताया।
राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी व्यापार नीतियां अमेरिकी अर्थव्यवस्था की सुरक्षा के लिए थीं और वे संवैधानिक अधिकारों के तहत व्यापार समझौतों पर पुनर्विचार कर सकते हैं।
व्यापारिक साझेदारों को चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट से झटका मिलने के बावजूद ट्रंप ने कहा कि कई देश मौजूदा व्यापार समझौतों को बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो नए समझौते पहले से अधिक सख्त हो सकते हैं। उन्होंने 15% वैश्विक टैरिफ का उल्लेख करते हुए कहा कि ये ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत लागू किए गए हैं।
🚨 BREAKING: President Trump just told the Supreme Court Justices to their FACES that their anti-tariff ruling BACKFIRED because his tariffs will remain in place
— Eric Daugherty (@EricLDaugh) February 25, 2026
John Roberts and Amy Coney Barrett are trying very hard to keep a straight face 🤣
"The Supreme Court's UNFORTUNATE… pic.twitter.com/TpiBQJfuZI
ईरान पर कड़ा बयान
ट्रम्प ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित कर रहा है, जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए खतरा बन सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि 2025 में अमेरिकी कार्रवाई के दौरान ईरान की परमाणु सुविधाओं को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया। हालांकि, स्वतंत्र विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी कार्रवाई से कार्यक्रम को नुकसान जरूर हुआ, लेकिन इसे पूरी तरह समाप्त मानना विवादास्पद है।
ट्रम्प ने कहा कि वे कूटनीति को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
ऊर्जा नीति और तेल उत्पादन
राष्ट्रपति ने अपनी ऊर्जा नीति “ड्रिल, बेबी, ड्रिल” का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका में तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादन में वृद्धि हुई है। उन्होंने वेनेजुएला के साथ ऊर्जा सहयोग का उल्लेख किया और दावा किया कि अमेरिका को वहां से बड़ी मात्रा में तेल मिला है। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक आंकड़े साझा नहीं किए गए।
टैरिफ और टैक्स नीति
ट्रम्प ने कहा कि उनके प्रशासन ने बड़े पैमाने पर टैक्स कटौती लागू की। उन्होंने वैश्विक टैरिफ नीति का भी उल्लेख किया और कहा कि टैरिफ से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लाभ हुआ। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले पर असहमति जताई, जिसमें उनके कुछ व्यापारिक कदमों को चुनौती दी गई थी। नए 15% वैश्विक टैरिफ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत लागू किए गए हैं।
आप्रवासन और राजनीतिक प्रतिक्रिया
आप्रवासन पर बोलते हुए ट्रम्प ने कुछ समुदायों का उल्लेख किया, जिस पर डेमोक्रेट सांसद Ilhan Omar ने विरोध दर्ज कराया। इस दौरान सदन में राजनीतिक मतभेद स्पष्ट दिखाई दिए।
घरेलू उपलब्धियों और ‘स्वर्ण युग’ का दावा
भाषण की शुरुआत और समापन में ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत बताया। उन्होंने 2026 में अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए अपने कार्यकाल को “ऐतिहासिक बदलाव” का दौर बताया।
उन्होंने घोषणा की कि अमेरिका “स्वर्ण युग” में प्रवेश कर चुका है और आर्थिक विकास व वैश्विक प्रभाव को राष्ट्र के पुनरुत्थान का प्रतीक बताया।
कुल मिलाकर, राष्ट्रपति का संबोधन उनके समर्थकों के लिए मजबूत संदेश के रूप में प्रस्तुत हुआ। हालांकि, ईरान, टैरिफ और आप्रवासन जैसे मुद्दों पर उनके दावे और बयान राजनीतिक और कूटनीतिक बहस को और तेज कर सकते हैं।









