Nepal PM Balen Shah: नेपाल की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है। मशहूर रैपर और इंजीनियर से राजनेता बने बालेंद्र शाह 'बालेन' ने शुक्रवार को नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। 35 वर्षीय बालेन न केवल हिमालयी देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने हैं, बल्कि वह मधेश क्षेत्र से इस शीर्ष पद पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति भी हैं। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
पीएम मोदी ने दी बधाई
बालेन शाह के कार्यभार संभालते ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर बधाई दी। पीएम मोदी ने अपने संदेश में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
Warm congratulations to Mr. Balendra Shah on being sworn in as the Prime Minister of Nepal.
— Narendra Modi (@narendramodi) March 27, 2026
Your appointment reflects the trust reposed in your leadership by the people of Nepal. I look forward to working closely with you to take India-Nepal friendship and cooperation to even…
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, "नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर श्री बालेंद्र शाह को हार्दिक बधाई। आपकी नियुक्ति नेपाल के लोगों द्वारा आपके नेतृत्व में जताए गए विश्वास को दर्शाती है। मैं हमारे दोनों देशों के लोगों के पारस्परिक लाभ के लिए भारत-नेपाल मित्रता और सहयोग को और भी अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हूं।"
धार्मिक रीति-रिवाजों के बीच शपथ ग्रहण
बालेन शाह का शपथ ग्रहण समारोह बेहद खास रहा। शीतल निवास (राष्ट्रपति भवन) में आयोजित इस समारोह में हिंदू और बौद्ध परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। 7 ब्राह्मणों द्वारा शंखनाद, 108 बटुकों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और 107 लामाओं द्वारा बौद्ध धर्मग्रंथों के पाठ के बीच बालेन ने दोपहर 12:34 बजे कार्यभार संभाला।
Gen-Z आंदोलन का असर और ऐतिहासिक जीत
बालेन शाह की यह जीत नेपाल में पिछले साल हुए 'Gen-Z' (युवा पीढ़ी) के विरोध प्रदर्शनों का परिणाम मानी जा रही है। भ्रष्टाचार मुक्त शासन और पीढ़ीगत बदलाव की मांग कर रहे युवाओं ने पारंपरिक दलों को दरकिनार कर बालेन की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) पर भरोसा जताया। 275 सीटों वाली प्रतिनिधि सभा में RSP ने 182 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया है।
दिग्गज नेता केपी शर्मा ओली को दी मात
बालेन ने इस चुनाव में नेपाल के दिग्गज नेता और चार बार के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को उनके ही गढ़ झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में भारी अंतर से हराया। काठमांडू के मेयर रह चुके बालेन ने अपनी छवि एक 'एक्शन लेने वाले नेता' के रूप में बनाई है, जिससे प्रभावित होकर देश की जनता ने उन्हें सत्ता की चाबी सौंपी है।
कैसा होगा बालेन शाह का मंत्रिमंडल?
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री बालेन शाह एक छोटा और कार्यकुशल मंत्रिमंडल बनाने के पक्ष में हैं। उनके कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या 15 से 18 के बीच हो सकती है। उनका मुख्य फोकस प्रशासनिक सुधारों, भ्रष्टाचार को खत्म करने और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने पर रहेगा।









