लखनऊ : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं आज से प्रदेश भर में शुरू हो गई हैं। शिक्षा विभाग और प्रशासन ने परीक्षाओं को पूरी तरह से 'नकल विहीन' बनाने के लिए इस बार तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर कड़े इंतजाम किए हैं। प्रदेश के 8033 केंद्रों पर लाखों छात्र-छात्राएं अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा का 'चक्रव्यूह'
नकल रोकने के लिए योगी सरकार ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को हाई-टेक बनाया है:-
लाइव सर्विलांस: सभी 8033 परीक्षा केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी निगरानी लखनऊ में बने 'राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम' से लाइव की जा रही है।
वॉयस रिकॉर्डर: कैमरों के साथ वॉयस रिकॉर्डर भी लगाए गए हैं ताकि परीक्षा हॉल में होने वाली किसी भी फुसफुसाहट को पकड़ा जा सके।
QR कोड वाली उत्तर पुस्तिकाएं: इस बार भी उत्तर पुस्तिकाओं पर QR कोड और सीरियल नंबर दर्ज हैं, ताकि पेपर लीक या कॉपी बदलने की गुंजाइश खत्म हो सके।
54 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल
आंकड़ों के अनुसार, इस साल यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए 54 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है:-
हाईस्कूल (कक्षा 10): इसमें कुल 27,61,696 लाख छात्र परीक्षा दे रहे हैं।
इंटरमीडिएट (कक्षा 12): इसमें कुल 25,76,082 लाख छात्र शामिल हैं।
परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित की जा रही हैं—पहली पाली सुबह 8:30 से 11:45 तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 से शाम 5:15 तक।
नकल करने और कराने वालों पर सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति नकल कराते हुए या पेपर लीक की अफवाह फैलाते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही, 'नकल माफिया' की संपत्ति कुर्क करने के निर्देश भी दिए गए हैं। हर जिले में जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है, जो परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं।
छात्रों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
यूपी बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुँचें। प्रवेश पत्र के साथ आधार कार्ड रखना अनिवार्य है। परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, कैलकुलेटर या किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
परीक्षा की सुचिता के लिए पर्यवेक्षकों की तैनाती
परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह नकल विहीन बनाने के लिए प्रशासन ने अधिकारियों की बड़ी फौज मैदान में उतारी है। पूरे प्रदेश में 8033 केंद्र व्यवस्थापक, 8033 बाह्य केंद्र व्यवस्थापक और इतने ही स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त सुरक्षा की निगरानी के लिए 1210 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 427 जोनल मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। नकल रोकने के लिए 69 मंडलीय और 440 जनपदीय सचल दल का गठन किया गया है। शासन स्तर से सभी 75 जनपदों और 18 मंडलों में राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, ताकि परीक्षा संचालन में रत्ती भर भी ढिलाई न बरती जाए।
कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन से शिकायतों का त्वरित समाधान
परीक्षार्थियों और अभिभावकों की समस्याओं के समाधान के लिए लखनऊ और प्रयागराज में हाई-टेक कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं। लखनऊ के राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम के लिए टोल-फ्री नंबर 18001806607 एवं 18001806608 जारी किए गए हैं, जबकि माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के टोल-फ्री नंबर 18001805310 एवं 18001805312 सक्रिय रहेंगे। प्रयागराज मुख्यालय के साथ-साथ वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर के क्षेत्रीय कार्यालयों में भी कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। किसी भी गड़बड़ी की शिकायत ईमेल, फेसबुक, एक्स और व्हाट्सएप के माध्यम से भी दर्ज कराई जा सकेगी।