लखनऊ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-2027 के लिए अपना वार्षिक कैलेंडर घोषित कर दिया है। बोर्ड सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी इस कैलेंडर में छात्रों के सर्वांगीण विकास और अनुशासन को लेकर कई बड़े और क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं। नए सत्र का आगाज 1 अप्रैल 2026 से होगा, जिसके साथ ही यूपी बोर्ड का आधिकारिक पोर्टल भी क्रियाशील हो जाएगा।
इस बार बोर्ड ने न केवल पढ़ाई के घंटों पर ध्यान दिया है, बल्कि छात्रों के भाषाई कौशल और उनके मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने के लिए कड़े नियम भी लागू किए हैं।
प्रार्थना सभा में अंग्रेजी और समाचार वाचन का नया अनिवार्य नियम
नए सत्र से यूपी बोर्ड के विद्यालयों की प्रार्थना सभा का स्वरूप पूरी तरह बदलने जा रहा है। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि अब प्रत्येक विद्यालय में सप्ताह के एक दिन प्रार्थना सभा का आयोजन अनिवार्य रूप से अंग्रेजी भाषा में किया जाएगा।
इसके साथ ही, यदि किसी क्षेत्र में कोई अन्य स्थानीय भाषा अधिक प्रचलित है, तो महीने में एक दिन उस भाषा में भी प्रार्थना कराने का विकल्प दिया गया है।
छात्रों को दुनिया की खबरों से अपडेट रखने के लिए अब हर दिन प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों से समाचार पत्र की मुख्य सुर्खियां पढ़वाई जाएंगी। इस प्रक्रिया के दौरान शिक्षकों को कठिन शब्दों के उच्चारण, उनके अर्थ और वाक्यों में प्रयोग की जानकारी भी देनी होगी ताकि बच्चों का शब्दकोश मजबूत हो सके।
विद्यालय परिसर में मोबाइल फोन पर पूरी तरह से पाबंदी
छात्रों के मानसिक और शारीरिक विकास को प्राथमिकता देते हुए बोर्ड ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत अब स्कूल कैंपस में विद्यार्थियों द्वारा मोबाइल फोन लाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।
बोर्ड का मानना है कि किशोरावस्था में मोबाइल का अत्यधिक उपयोग बच्चों के सीखने की क्षमता और उनके नैतिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। स्क्रीन टाइम कम करने के उद्देश्य से उठाए गए इस कदम के साथ ही छात्रों में समाचार पत्र पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, पिछले सत्रों की तरह ही 'नया सवेरा' कार्यक्रम का आयोजन जारी रहेगा, जिसमें शिक्षा विभाग के अधिकारी समय-समय पर स्कूलों का दौरा कर छात्रों से सीधा संवाद करेंगे।
75 प्रतिशत उपस्थिति की अनिवार्यता और परीक्षा का नया शेड्यूल
शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार, वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए सभी विद्यार्थियों की 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी।
पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए भी सख्त समयसीमा तय की गई है, जिसमें कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए 10 जनवरी 2027 तक और कक्षा 9वीं व 11वीं के लिए 25 जनवरी 2027 तक पूरा कोर्स खत्म करना होगा। प्रयोगात्मक परीक्षाओं का आयोजन 27 जनवरी से 10 फरवरी 2027 के बीच किया जाएगा, जबकि मुख्य बोर्ड परीक्षाओं के लिए फरवरी 2027 का महीना निर्धारित किया गया है।
अधिकृत पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता और पुस्तक मेलों का आयोजन
बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी विद्यालयों में केवल उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा मुद्रित और अधिकृत पाठ्यपुस्तकों से ही पठन-पाठन कराया जाएगा। छात्रों को पुस्तकों की उपलब्धता में कोई समस्या न हो, इसके लिए जनपद और मंडल स्तर पर पुस्तक शिविर और मेलों का आयोजन किया जाएगा।
इन मेलों के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सत्र की शुरुआत में ही सभी छात्रों के पास आवश्यक पुस्तकें पहुँच जाएं। बोर्ड ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रधानाचार्यों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का आदेश दिया है।