इस अभियान के जरिए पन्ना प्रमुखों को सक्रिय किया जा रहा है ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ गिनाकर मतदाताओं को पार्टी के पक्ष में लामबंद किया जा सके।

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों की सुगबुगाहट के बीच भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है। पार्टी ने राज्य भर में एक विशाल 'प्रशिक्षण महाभियान' का आगाज़ किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संगठन के कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से मजबूत करना और जमीनी स्तर पर बूथ प्रबंधन को इस तरह चाक-चौबंद करना है कि विपक्ष की हर चुनौती को विफल किया जा सके।

​बूथ जीतो, चुनाव जीतो: भाजपा का मूल मंत्र

​भाजपा का मानना है कि चुनाव की जीत का रास्ता बूथ से होकर गुजरता है। इसी रणनीति के तहत प्रशिक्षण महाभियान में प्रदेश के लाखों कार्यकर्ताओं को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है।

​पार्टी पन्ना प्रमुखों को सक्रिय कर रही है ताकि हर मतदाता तक सीधी पहुँच बनाई जा सके।

​कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है कि वे केंद्र और राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं को घर-घर तक कैसे पहुँचाएं।

​प्रशिक्षण शिविरों के जरिए धार देगा संगठन

​प्रदेश के हर जिले और मंडल स्तर पर आयोजित होने वाले इन शिविरों में बड़े नेता और अनुभवी रणनीतिकार हिस्सा ले रहे हैं।

​कार्यकर्ताओं को 'नमो ऐप' और सोशल मीडिया के प्रभावी इस्तेमाल की बारीकियां सिखाई जा रही हैं।

​चुनावी मैदान में विपक्षी दलों के नैरेटिव और उनके गठबंधन की चुनौतियों से निपटने के लिए भी विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

​लखनऊ से चली संगठन को मजबूत करने की लहर

​राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह महाभियान पूरे प्रदेश के 75 जिलों में चलाया जाएगा। पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं को सुलझाने का एक माध्यम भी है।

भाजपा इस बार हर उस बूथ पर ध्यान केंद्रित कर रही है जहाँ पिछले चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था।

​कार्यकर्ताओं में जोश भरने की रणनीति

​इस अभियान के जरिए भाजपा का लक्ष्य अपने कार्यकर्ताओं में नया जोश भरना है। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान पार्टी के इतिहास, विचारधारा और अंत्योदय के संकल्प पर विशेष चर्चा की जा रही है ताकि कार्यकर्ता पूरी ऊर्जा के साथ चुनावी रण में उतर सकें।