UPSC सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम को लेकर नया विवाद सामने आया है। 301वीं रैंक पर दो कैंडिडेट्स ने दावा किया है और दोनों के रोल नंबर एक जैसे बताए जा रहे हैं। QR कोड स्कैन करने पर सामने आई जानकारी से रिजल्ट में गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं, जिससे अभ्यर्थियों के बीच चर्चा तेज हो गई है।

लखनऊ : संघ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणामों में एक अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई है। मेरिट लिस्ट में AIR 301 पर आकांक्षा सिंह का नाम है, जिनका रोल नंबर 0856794 दर्ज है। अब इस एक ही रैंक और रोल नंबर पर उत्तर प्रदेश और बिहार की दो अलग-अलग छात्राओं ने अपना दावा ठोक दिया है, जिससे हड़कंप मच गया है।

​यूपी की आकांक्षा का दावा: 'मेरे पास सारे प्रूफ हैं'

​उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की रहने वाली रंजीत सिंह की बेटी आकांक्षा ने इस रिज़ल्ट को अपना बताया है। आकांक्षा का कहना है कि उन्होंने इसी रोल नंबर (0856794) से अगस्त 2025 में मुख्य परीक्षा दी थी और 4 फरवरी 2026 को इंटरव्यू में शामिल हुई थीं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि उनके एडमिट कार्ड पर दर्ज कोड से इसकी पुष्टि की जा सकती है और बिहार की छात्रा को सामने आकर सबूत दिखाने चाहिए।

​बिहार की आकांक्षा ke QR स्कैन ने खोली पोल

​वहीं, बिहार के आरा की रहने वाली आकांक्षा सिंह ने भी इस सिलेक्शन पर दावा किया है। हालांकि, बिहार की आकांक्षा के एडमिट कार्ड में गड़बड़ी सामने आई है। उनके प्रीलिम्स एडमिट कार्ड पर रोल नंबर तो 0856794 लिखा है, लेकिन जब उस पर मौजूद QR कोड को स्कैन किया गया, तो रोल नंबर 0856559 दिखाई दिया। इस खुलासे के बाद एडमिट कार्ड के साथ छेड़छाड़ की आशंका जताई जा रही है।

​UPSC रिज़ल्ट 2025: अनुज अग्निहोत्री ने किया टॉप

​विवादों के बीच UPSC ने 2025 के फाइनल रिज़ल्ट में कुल 958 उम्मीदवारों का चयन किया है। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ निवासी अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर देश में टॉप किया है। दूसरे स्थान पर तमिलनाडु की राजेश्वरी सुवे रही हैं। इस साल टॉप-10 की सूची में 3 लड़कियों ने जगह बनाई है।

​IAS-IPS कैडर आवंटन के नियमों में बदलाव

​इसी साल भारत सरकार ने कैडर अलॉटमेंट की व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया है। 2017 से चली आ रही 'जोन सिस्टम' की व्यवस्था को खत्म कर अब 'कैडर एलोकेशन पॉलिसी 2026' लागू की गई है। अब अधिकारियों को 'साइकिल सिस्टम' के जरिए कैडर बांटे जाएंगे, जो IAS, IPS और IFoS तीनों सेवाओं के लिए अनिवार्य होगा।