आगरा: ताजमहल देखने के लिए हर साल 10 लाख से अधिक विदेशी और करोड़ों देशी पर्यटक आगरा पहुँचते हैं। इसी भीड़ का फायदा उठाकर साइबर ठगों ने 'Ticketstajmahal.com' जैसी फर्जी वेबसाइटें तैयार की हैं, जो देखने में बिल्कुल असली लगती हैं।
इन वेबसाइटों के जरिए पर्यटकों से पैसे तो ऐंठ लिए जाते हैं, लेकिन उनसे मिले टिकट क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन करने पर मान्य नहीं होते।
ASI का कड़ा रुख: फर्जी टिकट पर नहीं मिलेगा प्रवेश
आगरा एएसआई सर्किल की अधीक्षण पुरातत्वविद स्मिथा एस. कुमार ने स्पष्ट किया है कि फर्जी वेबसाइटों से खरीदे गए टिकटों पर स्मारक में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ऐसे पर्यटकों को गेट से ही वापस लौटना पड़ेगा।
इसके अलावा, इन फर्जी पोर्टल्स पर भुगतान करने से पर्यटकों की बैंकिंग डिटेल्स लीक होने और बड़ी साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने का भी खतरा है।
टिकट बुकिंग के केवल तीन सही तरीके
धोखाधड़ी से बचने के लिए ASI ने पर्यटकों को केवल निम्नलिखित आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करने की सलाह दी है:
- वेबसाइट 1: https://asi.paygov.org.in/
- वेबसाइट 2: https://asi.payumoney.com/
स्मारक पर मौजूद QR कोड: ताजमहल के बाहर लगे आधिकारिक बोर्ड्स पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करके ही मौके पर टिकट बुक करें।
पर्यटक इन बातों का रखें विशेष ध्यान
स्पेलिंग चेक करें: टिकट बुक करते समय वेबसाइट की स्पेलिंग को ध्यान से देखें, ठग अक्सर मिलते-जुलते नामों का सहारा लेते हैं।
अनजान लिंक्स से बचें: फेसबुक, इंस्टाग्राम या व्हाट्सएप पर आने वाले लुभावने विज्ञापनों या अनजान लिंक्स के जरिए टिकट बुक न करें।
डिटेल्स साझा न करें: किसी भी गैर-सरकारी या निजी वेबसाइट पर अपनी बैंकिंग डिटेल्स और ओटीपी (OTP) साझा करने से बचें।
आधिकारिक पोर्टल की पुष्टि: भुगतान करने से पहले सुनिश्चित कर लें कि आप भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर ही हैं।










