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संभल प्रशासन ने अलविदा की नमाज और ईद के लिए 19 मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल तैनात किया है। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी की जा रही है और सोशल मीडिया पर विशेष नजर रखी जा रही है ताकि शांति बनी रहे।

संभल: रमजान के अंतिम जुमे और ईद-उल-फितर के अवसर पर संभल जिले में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने पूरे शहर को हाई अलर्ट पर रखा है।

विशेष रूप से मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और पीएसी के जवानों ने फ्लैग मार्च कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने खुद सड़कों पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने की अपील की है।

​चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर: ड्रोन और 19 मजिस्ट्रेट संभालेंगे मोर्चा 
जिलाधिकारी ने सुरक्षा के मद्देनजर शहर में 19 मजिस्ट्रेटों की तैनाती की है। जिले के प्रत्येक थाने पर एक-एक मजिस्ट्रेट को जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत निर्णय लिया जा सके। मुख्य मार्गों और मस्जिदों के आसपास ड्रोन कैमरों से पल-पल की निगरानी की जा रही है।

पुलिस के साथ-साथ पीएसी और आरएएफ (RRF) की टुकड़ियों को भी संवेदनशील पॉइंट पर तैनात किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की नई परंपरा डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

​जामा मस्जिद की सजावट पर रोक: अनुमति न मिलने से फीकी रहेगी चमक 
​इस साल संभल की ऐतिहासिक जामा मस्जिद पिछली बार की तरह रोशनी से नहीं सजेगी। इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली ने बताया कि मस्जिद की पुताई और रंगाई के लिए जिला प्रशासन और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन समय पर अनुमति नहीं मिली।

इसके कारण इस बार मस्जिद में न तो रंग-रोगन हो सका और न ही विशेष सजावट की जाएगी। कमेटी ने इस पर निराशा व्यक्त की है, हालांकि प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और नियमों के तहत ही सभी कदम उठाए गए हैं।

​सोशल मीडिया पर 'डिजिटल' पहरा: अफवाह फैलाई तो होगी जेल 
संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर एक विशेष टीम 24 घंटे निगरानी कर रही है। यदि कोई भी व्यक्ति भड़काऊ पोस्ट साझा करता है या अफवाह फैलाने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे किसी भी सूचना की पुष्टि किए बिना उसे फॉरवर्ड न करें और आपसी भाईचारे के साथ ईद का त्योहार मनाएं।

​भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण का मास्टरप्लान 
अलविदा की नमाज के दौरान मस्जिदों में जुटने वाली भारी भीड़ को देखते हुए यातायात के रूट में भी बदलाव किए गए हैं। प्रमुख मस्जिदों के रास्तों पर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा और पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात रहेगा ताकि नमाजियों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। पीस कमेटी की बैठकों के माध्यम से धर्मगुरुओं से भी संवाद किया गया है ताकि सामाजिक समरसता बनी रहे।

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