लखनऊ: पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ जंक्शन स्टेशन ने अपने गौरवशाली इतिहास के 102 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर (1926-2026) के उपलक्ष्य में आयोजित शताब्दी वर्ष समारोह के तहत शनिवार को रेलवे बोर्ड के सदस्य (इंफ्रास्ट्रक्चर) एवं पदेन सचिव, भारत सरकार विवेक कुमार गुप्ता ने स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण किया।
उनके साथ मंडल रेल प्रबंधक (पूर्वोत्तर रेलवे) गौरव अग्रवाल और उत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक सुनील कुमार वर्मा सहित रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
हैरिटेज प्रदर्शनी और 'कॉफी टेबल बुक' का अवलोकन
सदस्य/इंफ्रास्ट्रक्चर विवेक कुमार गुप्ता ने स्टेशन परिसर में लगाई गई विशेष हैरिटेज प्रदर्शनी का फीता काटकर निरीक्षण किया। इस प्रदर्शनी में रेलवे के विभिन्न विभागों जैसे परिचालन, इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार, वाणिज्य और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) द्वारा अपने विकास कार्यों और ऐतिहासिक सफर के स्टॉल लगाए गए थे।
इस अवसर पर मंडल द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई कॉफी टेबल बुक ‘ECHOES OF A CENTURY – LUCKNOW JUNCTION’ का भी अवलोकन किया गया, जो स्टेशन की एक सदी पुरानी यादों को समेटे हुए है।
यात्री सुविधाओं और ऐतिहासिक विरासतों का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान विवेक गुप्ता ने स्टेशन पर उपलब्ध आधुनिक और समावेशी यात्री सुविधाओं को देखा। उन्होंने विशेष रूप से दृष्टिबाधित यात्रियों की सहायता के लिए लगाए गए ब्रेल मानचित्र की सराहना की। इसके अलावा, स्टेशन के प्रवेश द्वार और कैबवे क्षेत्र में स्थापित आकर्षण जैसे:-
- 102 वर्ष पुराना नैरो-गेज स्टीम लोकोमोटिव।
- हैरिटेज वाटर पंप और आकर्षक फव्वारा।
- टॉय ट्रेन और पुरानी ऐतिहासिक मशीनें।
इन विरासतों को स्टेशन के सौंदर्यीकरण और इतिहास संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक
निरीक्षण से पूर्व विवेक कुमार गुप्ता ने उत्तर एवं पूर्वोत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में लखनऊ जंक्शन के पुनर्विकास और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा की गई।
मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने स्टेशन की शताब्दी वर्ष की योजनाओं और भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी दी।