गाजियाबाद: गाजियाबाद के लोनी में चर्चित 'एक्स-मुस्लिम' यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में यूपी पुलिस और एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। हमले के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश जीशान को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था, अमिताभ यश ने पुष्टि की है कि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह ढेर हो गया।
10 मिनट तक चली मुठभेड़, आरोपी ने दागीं 10 राउंड गोलियां
लोनी पुलिस और देहात स्वाट टीम को सूचना मिली थी कि हमलावर निठौरा अंडरपास के पास छिपे हैं। पुलिस ने जब घेराबंदी की, तो बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। करीब 10 मिनट तक चली इस मुठभेड़ में आरोपी जीशान की ओर से 10 राउंड गोलियां चलाई गईं। जवाबी फायरिंग में जीशान के पैर और सीने में गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हमले का मुख्य आरोपी था जीशान, सीसीटीवी से हुई थी पहचान
मृतक बदमाश की पहचान नगला सैफी अमरोहा निवासी जीशान के रूप में हुई है। सीसीटीवी फुटेज में जीशान को बाइक पर पीछे बैठे हुए देखा गया था, जिसने कुर्ता-पजामा पहना था और सलीम वास्तिक पर चाकू से पहला वार उसी ने किया था। वारदात के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मौके से हमले में इस्तेमाल चाकू, एक अवैध पिस्टल, कारतूस और बिना नंबर की बाइक बरामद की गई है।
मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी हुए घायल
इस खतरनाक मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की गोलियों का सामना करते हुए दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। घायल पुलिसकर्मियों की पहचान हेड कांस्टेबल सचिन कुमार और विपिन ठाकुर के रूप में हुई है। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने उनकी बहादुरी की सराहना की है।
सलीम वास्तिक की हालत अब भी चिंताजनक
हमले का शिकार हुए 55 वर्षीय सलीम वास्तिक फिलहाल वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। उनके गले और पेट पर चाकू से गहरे वार किए गए थे, जिससे उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को क्षति पहुँची है। दिल्ली के जीटीबी अस्पताल से उन्हें साकेत स्थित मैक्स अस्पताल शिफ्ट किया गया है। उनके समर्थकों और परिवार ने आरोपियों के खिलाफ इस सख्त कार्रवाई पर संतोष जताया है, लेकिन सलीम की सेहत को लेकर अभी भी दुआओं का दौर जारी है।
कट्टरपंथ के खिलाफ आवाज दबाने की थी साजिश
पुलिस की शुरुआती जांच और ADG अमिताभ यश के बयान के अनुसार, यह हमला सलीम वास्तिक की विचारधारा को चुप कराने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा था। सलीम अपने यूट्यूब चैनल 'सलीम वास्तिक 0007' के माध्यम से धार्मिक कुरीतियों और कट्टरपंथ के खिलाफ मुखर रहते थे। इस मामले में पुलिस ने कुल 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिसमें जीशान के अलावा कुछ स्थानीय नेताओं और बिल्डरों के नाम भी शामिल हैं। पुलिस अब जीशान के फरार साथी की तलाश में छापेमारी कर रही है।