उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (यमुना नगर) स्थित करछना के पचदेवरा ओवरब्रिज के पास बुधवार कि रात दिल दहला देने वाला रेल हादसा हुआ। यहां रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात युवक का शव मिलने के बाद 'नेताजी एक्सप्रेस' को रोका गया था। ट्रेन रुकते ही कौतूहलवश कुछ यात्री नीचे उतर गए, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि विपरीत दिशा से मौत आ रही है।
दूसरी पटरी पर तेज रफ्तार में आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस (12801) ने इन यात्रियों को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही चार लोगों की मौत हो गई। इस तरह एक अज्ञात शव सहित कुल 5 लोगों की जान इस दुखद घटना में चली गई।
घटना बुधवार शाम करीब 6:15 बजे की है। डाउन लाइन पर जा रही ट्रेन नंबर 12312 नेताजी एक्सप्रेस के लोको पायलट ने ट्रैक पर एक लाश देखी और इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी। इसी बीच किसी ने चेन पुलिंग भी कर दी। ट्रेन रुकते ही पचदेवरा हॉल्ट के पास कई यात्री नीचे उतरकर ट्रैक पर खड़े हो गए और उस अज्ञात शव को देखने लगे।
कुछ यात्री ट्रैक के किनारे फ्रेश होने के लिए भी उतरे थे। शाम करीब 6:47 बजे, जब यात्री ट्रैक पर ही थे, तभी अप लाइन पर आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस का हॉर्न गुंजा। यात्री संभल पाते, इससे पहले ही ट्रेन उन्हें रौंदते हुए निकल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयानक था कि यात्रियों के शरीर के चिथड़े उड़ गए और वे 50 मीटर दूर तक ट्रैक के आसपास बिखर गए। घटनास्थल पर खून ही खून फैल गया और चीख-पुकार मच गई।
सूचना मिलते ही जीआरपी (GRP), आरपीएफ (RPF) और करछना थाने की पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस कर्मियों ने टॉर्च की रोशनी में ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद ट्रैक पर फैले शवों के अंगों को एकत्र कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
हादसे के शिकार लोग फिरोजाबाद से कोलकाता जा रहे थे। जीआरपी एसपी प्रशांत वर्मा ने अब तक तीन मृतकों की पहचान की पुष्टि की है:
- आकाश (17 वर्ष) - पुत्र गिरिराज, निवासी पृथ्वीपुर, फिरोजाबाद।
- बलराम (36 वर्ष) - पुत्र मुन्ना पासी, निवासी सिवान (बिहार) / वर्तमान निवासी फिरोजाबाद।
- सुनील कुमार (24 वर्ष) - पुत्र संतलाल, निवासी मिर्जापुर।
मृतकों में एक महिला भी शामिल बताई जा रही है, जो आकाश और बलराम की रिश्तेदार थी। ये सभी फिरोजाबाद के थाना खैरगढ़ क्षेत्र के रहने वाले थे और एक शादी समारोह में शामिल होने कोलकाता जा रहे थे।
इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर होने वाली लापरवाही को उजागर किया है। पचदेवरा जैसे छोटे हॉल्ट पर अक्सर लोग अनधिकृत रूप से ट्रैक पार करते हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अगर नेताजी एक्सप्रेस का स्टाफ यात्रियों को नीचे उतरने से रोकता या पुरुषोत्तम एक्सप्रेस को पहले ही चेतावनी दी जाती, तो शायद ये जानें बचाई जा सकती थीं। फिलहाल इस रेल खंड पर यातायात बहाल कर दिया गया है।










