अयोध्या के नागेश्वरनाथ मंदिर में शिव-पार्वती विवाह की रस्में पूरी हुईं और आज भव्य शिव बारात निकाली जाएगी।

लखनऊ : महाशिवरात्रि के अवसर पर आज उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख धार्मिक केंद्रों, अयोध्या और प्रयागराज में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। जहाँ रामनगरी अयोध्या में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की रस्में पूरी की जा रही हैं, वहीं तीर्थराज प्रयागराज में लाखों श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर माघ मेले का विधिवत समापन किया। पूरे प्रदेश में शिव मंदिरों के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

​अयोध्या: नागेश्वरनाथ मंदिर में बाबा के विवाह की रस्में और बारात की तैयारी

​धर्मनगरी अयोध्या में महाशिवरात्रि का पर्व विशेष उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। त्रेतायुगीन नागेश्वरनाथ मंदिर में भगवान शिव के विवाह से जुड़े सभी पारंपरिक लोकाचार और रस्में श्रद्धापूर्वक पूरी कर ली गई हैं। मंदिर परिसर में भक्तों का भारी जमावड़ा लगा हुआ है।

आज शाम को बाबा की भव्य बारात निकाली जाएगी, जिसमें साधु-संतों के साथ-साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। अयोध्या की गलियां 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंज रही हैं और मंदिरों को फूलों व रोशनी से बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया गया है।

​प्रयागराज: माघ मेले का अंतिम स्नान और संगम पर आस्था की डुबकी

​प्रयागराज में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर माघ मेले का अंतिम और छठा प्रमुख स्नान 'महाशिवरात्रि स्नान' श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। कड़ाके की ठंड और सुबह के धुंध के बावजूद, लाखों की संख्या में श्रद्धालु त्रिवेणी संगम के तट पर पहुँचे हैं।

संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाने के बाद भक्त शिव मंदिरों में जलाभिषेक कर रहे हैं। इस स्नान के साथ ही पिछले पौष पूर्णिमा से चले आ रहे एक महीने के कल्पवास और माघ मेले का आज औपचारिक रूप से समापन हो जाएगा।

​सुरक्षा के कड़े इंतजाम और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं

​अयोध्या और प्रयागराज दोनों ही शहरों में प्रशासन ने भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। प्रयागराज के मेला क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और जल पुलिस की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह चेंजिंग रूम और चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं।

वहीं अयोध्या में 'बरात' मार्ग पर सुरक्षा के विशेष घेरे बनाए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। प्रशासन ने यातायात नियमों में भी बदलाव किया है ताकि भक्तों को मंदिरों तक पहुँचने में सुगमता हो।

​भक्तों का उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण

​अयोध्या में जहाँ बाबा नागेश्वरनाथ के विवाह की खुशियाँ मनाई जा रही हैं, वहीं प्रयागराज में कल्पवासियों की विदाई का भावुक पल भी है। इन दोनों ही स्थानों पर देश के विभिन्न कोनों से आए श्रद्धालु अध्यात्म के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं।

महाशिवरात्रि का यह संयोग राम और शिव के एकात्म भाव को प्रदर्शित कर रहा है, जिससे पूरा उत्तर प्रदेश शिवमय हो गया है। आज रात होने वाली चारों प्रहर की पूजा के लिए भी मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई हैं।