वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह गैस सिलेंडर फटने से एक मकान ध्वस्त हो गया। मलबे में दबने से भाई-बहन प्रीति और ओम कुमार की मौत हो गई, जबकि उनकी मां और एक अन्य भाई गंभीर रूप से घायल हैं।

वाराणसी: धर्म नगरी काशी के लहरीतारा मंडुवाडीह इलाके में मंगलवार की सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक जर्जर मकान में रखा गैस सिलेंडर अचानक तेज धमाके के साथ फट गया।

ब्लास्ट इतना जोरदार था कि पूरा मकान ढह गया और मलबे में एक ही परिवार के चार लोग दब गए। इस दर्दनाक हादसे में सगे भाई-बहन की मौत हो गई है, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

​खाना बनाते समय हुआ रिसाव और फिर भीषण ब्लास्ट 
​प्राप्त जानकारी के अनुसार, लहरतारा पुल के पास स्थित एक तंग गली में गिरजा देवी अपने तीन बच्चों के साथ एक पुराने और जर्जर मकान में रहती थीं।

मंगलवार सुबह जब वह खाना बना रही थीं, तभी गैस सिलेंडर में अचानक रिसाव शुरू हो गया। जब तक परिवार कुछ समझ पाता, सिलेंडर ने आग पकड़ ली और एक भीषण धमाका हुआ। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान की छत और दीवारें ढह गईं और अंदर मौजूद लोग मलबे के नीचे जिंदा दफन हो गए।

​भाई-बहन की मौत, बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में चल रहा इलाज 
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। मलबे से निकालकर सभी घायलों को आनन-फानन में बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुँचाया गया।

डॉक्टरों ने जाँच के बाद प्रीति (27) और उसके भाई ओम कुमार चौधरी (30) को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उनकी माँ गिरजा देवी (60) और अमन चौधरी (31) गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज जारी है।

​रेस्क्यू ऑपरेशन और फॉरेंसिक जाँच: मौके पर पहुँची बम निरोधक टीम 
धमाके की आवाज सुनकर पूरा इलाका दहल उठा था। घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीसीपी वरुणा नीतू कात्यायन, एडीएम आलोक वर्मा और भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। मलबे को हटाने के लिए जेसीबी बुलाई गई।

किसी अन्य साजिश की आशंका को खारिज करने के लिए बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वायड ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। शुरुआती जाँच में हादसे की वजह सिलेंडर रिसाव ही बताई जा रही है।

​हादसे के बाद इलाके में अफरातफरी और शोक की लहर 
दो मौतों की खबर मिलते ही मोहल्ले में कोहराम मच गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि धमाका इतना तेज था कि आसपास के मकानों की खिड़कियां तक हिल गईं।

प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के अन्य जर्जर मकानों को खाली करने और गैस एजेंसियों को सुरक्षा मानकों की जाँच करने के निर्देश दिए हैं। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।