उत्तर प्रदेश के मथुरा में ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत के बाद भारी बवाल मच गया। गौ-तस्करों पर कुचलने का आरोप, NH-19 पर हिंसा और पथराव, पुलिस ने 2 आरोपियों को पकड़ा, कई फरार। इलाके में भारी फोर्स तैनात।

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। कोसीकलां क्षेत्र में गौ-तस्करी रोकने पहुंचे ‘फरसा वाले बाबा’ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हजारों लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

आरोप है कि तेज रफ्तार गाड़ी से बाबा को कुचल दिया गया, जिसके बाद उग्र भीड़ ने दिल्ली-आगरा हाईवे (NH-19) पर जाम लगाकर जमकर हंगामा किया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को भारी बल तैनात करना पड़ा और पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

विरोध प्रदर्शन ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। उग्र भीड़ ने हाईवे पर फंसे वाहनों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। पथराव के कारण दर्जनों गाड़ियों के शीशे चकनाचूर हो गए और राहगीरों में दहशत फैल गई।

मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने जब भीड़ को खदेड़ने का प्रयास किया, तो उपद्रवियों ने पुलिस बल पर भी पथराव कर दिया, जिससे सुरक्षाकर्मियों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।

​तस्करी की सूचना पर तस्करों को पकड़ने पहुंचे थे बाबा 
वारदात शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि हरियाणा की ओर से एक गाड़ी में गौ-तस्करी कर गायों को ले जाया जा रहा है। कोटवन चौकी प्रभारी संदीप कुमार ने टीम के साथ घेराबंदी की।

इसी दौरान 'फरसा वाले बाबा', जो हमेशा अपने साथ एक फरसा रखते थे और गौ-सेवा के लिए समर्पित थे, भी मौके पर पहुँच गए। उन्होंने गौ-तस्करों की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन तस्करों ने उन पर गाड़ी चढ़ा दी।

​कुचलने के बाद पलटी तस्करों की गाड़ी: पुलिस ने 2 को दबोचा 
बाबा को कुचलने के बाद तस्करों की गाड़ी अनियंत्रित होकर कोसीकलां की ओर करीब 500 मीटर आगे जाकर पलट गई। पुलिस ने तुरंत पीछा कर गाड़ी में सवार दो कथित गौ-तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है।

हालांकि, अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर 3-4 अन्य तस्कर भागने में सफल रहे। पुलिस ने पलटी हुई गाड़ी से तीन गायों को मुक्त कराया है। इस हादसे में घायल एक आरक्षी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

​गुस्साए ग्रामीणों का हाईवे पर तांडव: पुलिस और जनता के बीच नोकझोंक 
वारदात की खबर जंगल की आग की तरह फैली और देखते ही देखते हजारों ग्रामीण और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता हाईवे पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया और बाबा के शव को उठाने से रोक दिया।

उत्तेजित भीड़ ने तस्करों की पलटी हुई गाड़ी में तोड़फोड़ की और उसे आग लगाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों के समझाने पर भी ग्रामीण नहीं माने, जिससे स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई।

​एसपी और डीएम ने संभाला मोर्चा: 'ऑपरेशन सर्च' जारी 
​बढ़ते तनाव को देखते हुए एसपी देहात त्रिगुण बिसेन, सीओ कोसीकलां और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुँची। पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि फरार तस्करों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य संकलित किए हैं। फिलहाल, मथुरा और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य कर दी गई है और फरार तस्करों की धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है।