मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक पत्र 'योगी की पाती' लिखा है। इसमें उन्होंने जनता को गर्मी के दुष्प्रभावों से बचने और शासन की तैयारियों के प्रति आश्वस्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह सरकार ने कड़कड़ाती ठंड से प्रदेशवासियों को बचाया, उसी तरह प्रचंड गर्मी और लू की मार से सुरक्षा के लिए शासन के हर स्तर पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश के हर नागरिक का जीवन अनमोल है और सरकार उनकी सुख-सुविधा के लिए पूरी तरह समर्पित है।
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 20, 2026
प्रकृति के स्वभाव के अनुरूप हर मौसम की तरह ग्रीष्म ऋतु आई है। बढ़ता तापमान हमें इसके दुष्प्रभावों से बचने तथा अपनी तैयारियां पूरी करने का संदेश दे रहा है।
प्रदेश के हर व्यक्ति का जीवन अनमोल है, इसलिए सरकार ने कड़कड़ाती ठंड की तरह प्रचंड गर्मी की… pic.twitter.com/R8LH7VWYah
बढ़ती गर्मी और पीक डिमांड को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था को लेकर बड़े फैसले लिए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 34,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है, जिसके लिए सभी थर्मल पावर प्लांट को उनकी पूरी क्षमता से संचालित करने की व्यवस्था की गई है।
जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सीएम ने फिलहाल पुराने मीटर को स्मार्ट मीटर से बदलने के कार्य को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है, ताकि उपभोक्ताओं को कोई असुविधा न हो।
प्रचंड लू से आमजन को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। सड़कों पर पानी का छिड़काव, छायादार क्षेत्रों की व्यवस्था और श्रमिकों के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच शिविर स्थापित करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि प्रदेश की सभी तहसीलों, थानों, अस्पतालों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर नि:शुल्क शीतल पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। अस्पतालों में 'हीट स्ट्रोक' के मरीजों के लिए विशेष उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
'योगी की पाती' में बेजुबान पशुओं और वन्य जीवों के प्रति भी मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता साफ दिखी। उन्होंने प्रदेश के प्राणी उद्यानों और अभयारण्यों में 'हीट-वेव एक्शन प्लान' के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।
गौशालाओं में हरे चारे, चोकर और ताजे पानी की उचित व्यवस्था के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की है कि वे अपने घरों के बाहर पशु-पक्षियों के लिए पानी के बर्तन रखें और भीषण गर्मी में मानवता की भावना को आगे बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री ने पत्र के अंत में लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी, शिकंजी, छाछ और नारियल पानी पीने की सलाह दी है। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों का ख्याल रखने और सूती या खादी के ढीले वस्त्र पहनने की अपील की है।
सीएम ने आगाह किया है कि ऐसी कोई भी लापरवाही न करें जिससे भीषण गर्मी के बीच आग लगने का अंदेशा हो। उन्होंने अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम के आशीर्वाद का जिक्र करते हुए सभी के सुरक्षित और मंगलमय भविष्य की कामना की है।










