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Rajasthan News: राजस्थान में करीब 100 कॉलेज को मर्ज या बंद करने की प्लानिंग वर्तमान सरकार कर रही है। ये सभी कॉलेज कांग्रेस सरकार में खोले गए थे।

Rajasthan News: राजस्थान में करीब 100 कॉलेज को मर्ज या बंद करने की प्लानिंग वर्तमान सरकार कर रही है। ये सभी कॉलेज कांग्रेस सरकार में खोले गए थे। डिप्टी सीएम व उच्च ​शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा का कहना है कि छात्रों के बेहतर भविष्य को देखते हुए सरकार कॉलेजों का रिव्यू करवा रही है। जिसकी रिपोर्ट 30 दिन में सरकार को सौंपा जाएगा।

राजस्थान कॉलेज एजुकेशन सोसायटी (राजसेस) के तहत कांग्रेस सरकार ने 100 से अधिक कॉलेज खोल डाले। वर्तमान सरकार की जांच कमेटी के तहत इसमें कई खामियां मिली हैं। अब सरकार द्वारा गठित कमेटी ऐसे 303 कॉलेजों का परीक्षण करेगी। इस कमेटी में संयोजक कोटा ओपन यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर कैलाश सोडानी सहित 6 सदस्य हैं। जो 30 दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपेंगे।

सरकार की जांच में मिली कमी
कॉलेजों को लेकर सरकार ने एक ‘इंटरनल रिपोर्ट’ भी तैयार कराई है। जिसमें पाया गया कि कांग्रेस सरकार ने बिना जरूरत के काफी कॉलेज खोले हैं। राजस्थान सरकार के तत्कालीन शिक्षा मंत्री और अब भाजपा नेता राजेंद्र यादव का कहना है कि उस समय के हिसाब से निर्णय किए थे। अगर निर्णय में कुछ कमी रह गई होगी तो रिव्यू किया जाएगा। 

5 किमी. के दायरे में 60 नए कॉलेज
इस मामले को लेकर डिप्टी सीएम व उच्च ​शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि छात्रों के बेहतर भविष्य को देखते हुए सरकार राजसेस के कॉलेजों का रिव्यू करवा रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस की सरकार ने पुराने कॉलेज के 5 किमी दायरे में ही 60 नए कॉलेज खोल दिए हैं।

2 साल में खुले सबसे ज्यादा कॉलेज
बता दें, कांग्रेस सरकार ने अंतिम 2 साल में कॉलेजों की संख्या बड़ी तेजी से बढ़ाई है। इनमें करीब 60 ऐसे कॉलेज हैं, जो 5 किमी. के दायरे में हैं। वहीं लगभग 70 कॉलेज ऐसे हैं, जिनमें छात्रों की संख्या 100 से भी कम है। इसके अलावा कुछ कॉलेजों में लैब भी नहीं है।

कई कॉलेजों में एनरोलमेंट भी नहीं
वर्तमान सरकार सरकार ऐसे कॉलेजों को मर्ज या बंद करने की तैयारी में है, जहां एनरोलमेंट बेहद ही कम हैं। उन्हें नजदीकी और पुराने कॉलेजों में शिफ्ट किया जा सकता है। वहीं अलग से 116 गर्ल्स कॉलेज भी खोले गए हैं, ऐसे ज्यादातर कॉलेजों में एनरोलमेंट भी नहीं है। उन्हें बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है।

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