भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने तीसरी बार फिर गेहूं की खरीद की तिथि में बदलाव किया है। राज्य सरकार के ताजा आदेश के अनुसार इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में गेहूं खरीद 10 अप्रैल से शुरू होगी। इससे पहले इन संभागों में खरीद 1 अप्रैल से शुरू होने वाली थी। जबकि, प्रदेश के अन्य संभागों में गेहूं की खरीद 15 अप्रैल से शुरू होगी। गेहूं खरीदी की तारीख बढ़ाने को लेकर खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि यह फैसला परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है। राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों को बिना परेशानी के खरीद की सुविधा देना है।
मजबूरी में बढ़ानी पड़ी खरीद की तिथियां
उन्होंने बताया कि वैश्विक हालात, खासकर मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के कारण भंडारण के लिए जरूरी बारदाने (बोरों) की कमी हो गई थी, जिससे खरीदी प्रक्रिया को कुछ समय के लिए आगे बढ़ाना पड़ा। राजपूत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गेहूं खरीदी की पूरी प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संचालित की जाए, ताकि किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने कहा यह भी सुनिश्चित करेंकि किसानों को उनकी उपज का भुगतान समय पर मिले। खरीदी केंद्र पर सभी जरूरी सुविधाएं समय पर मिलें।
सुविधानुसार निर्धारित केंद्र पर बेंचे गेहूं
पूरे प्रदेश में कुल कितने खरीद केंद्र बनाए गए हैं इसकी अब तक ठीक-ठीक जानकारी नहीं मिल पाई है। केंद्र बनाए जाने के आंकड़े आमतौर पर जिला प्रशासन जारी करता है। इंदौर, धार, रतलाम आदि जिलों में खरीद केंद्रों की संख्या घोषित कर दी गई है, लेकिन भोपाल में अब इसकी घोषणा नहीं की गई हैं। इंदौर में कुल 90 केंद्र बनाए गए हैं, जबकि धार में 89 और रतलाम में 65 केंद्र बनाए गए हैं। किसानों की सुविधा के लिए इस बार स्लॉट बुकिंग प्रणाली लागू की गई है। इस प्रणाली के तहत किसान अपनी सुविधानुसार तारीख का चयन कर निर्धारित केंद्र पर अपना गेहूं बेच सकते हैं।
किसान ऐसे करें स्लॉट की बुकिंग
स्लॉट बुकिंग के लिए किसान एमपी ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर या आधिकारिक एमपी ई-उपार्जन पोर्टल (www.mpeuparjan.nic.in) के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर ही खरीदी केंद्रों पर पहुंचें और पहले से स्लॉट बुक कर लें। इससे भीड़भाड़ कम होगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर लें। विभाग ने इस बात पर जोर दिया है कि खरीदी के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं।










