मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और पिछले चार दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। इसके पीछे एक नहीं बल्कि चार-चार मौसम सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं, जिससे हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ लाइन मिलकर एक मजबूत सिस्टम बना चुके हैं, जिसने पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। यही वजह है कि रोजाना 30 से 35 जिलों में मौसम बदल रहा है और कहीं तेज बारिश तो कहीं ओले गिर रहे हैं।
45 जिलों में अलर्ट
आने वाले 24 घंटों में भोपाल और ग्वालियर समेत प्रदेश के करीब 45 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार को भी 20 से ज्यादा जिलों में ऐसा ही मौसम देखने को मिला। शनिवार को जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, दमोह और कटनी जैसे जिलों में ओलावृष्टि के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
वहीं, भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, राजगढ़, सीहोर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, सागर, विदिशा, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, शहडोल, रीवा, सतना सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चल सकती है।
60 Kmph तक चलेगी हवा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले चार दिनों तक यानी 7 अप्रैल तक तेज आंधी का असर बना रहेगा। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि बाकी क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार रहने का अनुमान है।
क्यों बदल रहा मौसम?
प्रदेश के बीच से गुजर रही एक टर्फ लाइन, ऊपर सक्रिय दूसरी टर्फ और पश्चिम-उत्तर हिस्से में बने दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन मिलकर यह स्ट्रॉन्ग सिस्टम बना रहे हैं। यही कारण है कि मौसम लगातार अस्थिर बना हुआ है।










