पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण मध्यप्रदेश के कई लोग दुबई, बहरीन और कतर में फंस गए हैं। पासपोर्ट जब्त होने, कंपनियां बंद होने और फ्लाइट कैंसिल होने से उनकी वापसी मुश्किल हो गई है। परिवार सरकार से सुरक्षित घर वापसी की गुहार लगा रहे हैं।

भोपाल। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब मध्यप्रदेश के उन लोगों पर पड़ रहा है, जो रोज़गार या अन्य कारणों से खाड़ी देशों में गए थे। दुबई, बहरीन और कतर जैसे देशों में काम कर रहे कई लोग अब वहां फंस गए हैं और भारत लौटने की कोशिश कर रहे हैं। स्थिति बिगड़ने के बाद उनके परिवारों ने राज्य सरकार से मदद की मांग की है। ग्वालियर के दो युवकों का मामला इस समस्या को स्पष्ट करता है। वे काम के लिए दुबई गए थे, लेकिन कंपनी ने उनका पासपोर्ट अपने पास रख लिया है, जिससे वे वापस नहीं आ पा रहे हैं। 

परिवारों ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
बताया जाता है कि मेडिकल जांच के बहाने दस्तावेज ले लिए गए और अब लौटाने से इनकार किया जा रहा है। पैसे खत्म होने की स्थिति में वे रिश्तेदारों के यहां शरण लेकर रह रहे हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रभावित परिवारों ने राज्य सरकार के कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज कराई है। वे अपने परिजनों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। कई मामलों में एजेंट भी संपर्क में नहीं हैं, जिससे समस्या और जटिल हो गई है।

कंपनियां बंद, कामगारों के सामने संकट
बहरीन और अन्य देशों में कुछ कंपनियों के बंद होने की खबरें भी सामने आई हैं। वहां काम कर रहे श्रमिकों को न तो पर्याप्त भोजन मिल रहा है और न ही अन्य जरूरी सुविधाएं। कुछ लोग अस्थायी ठिकानों या होटल के बेसमेंट में रहने को मजबूर हो गए हैं। वे जल्द से जल्द भारत लौटना चाहते हैं, लेकिन उड़ानों की उपलब्धता नहीं होने से मुश्किलें बढ़ गई हैं।

फ्लाइट कैंसिल होने से बढ़ी दिक्कत
कतर में भी कुछ लोग उड़ानों के रद्द होने के कारण फंसे हुए हैं। जो लोग अपने परिजनों से मिलने गए थे, वे अब वापस नहीं लौट पा रहे हैं। इससे परिवारों में चिंता का माहौल है और सभी सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। इन घटनाओं ने खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रभावित लोग और उनके परिवार सरकार से जल्द कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें सुरक्षित वापस लाया जा सके।