उज्जैन। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के दोनों प्रमुख ज्योतिर्लिंग-महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, उज्जैन और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। महाशिवरात्रि पर्व पर 15 फरवरी को सुबह से ही लाखों भक्त भगवान शिव के दर्शन के लिए उज्जैन और ओंकारेश्वर पहुंचने लगे है। श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला पूरे दिन जारी रहेगा। अनुमान है कि इस बार केवल उज्जैन में ही लगभग 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। श्रद्धालों की इतनी संख्या को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए हैं।
भीड़ संभालने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध
महाकाल मंदिर पूरी रात खुला रहेगा, सोमवार 16 फरवरी को भस्म आरती दोपहर 12 बजे होगी। मंदिर प्रशासन ने पिछली बार की तुलना में लगभग चार गुना अधिक यानी 200 क्विंटल प्रसाद का इंतजाम किया है। इतनी भीड़ को संभालने के लिए इस बार सुरक्षा के भी व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मंदिर के पट आम दिनों की तुलना में अधिक समय तक खुले रखे जा रहे हैं। दर्शन की व्यवस्था करीब 44 घंटे तक जारी रहेगी। पूरी रात मंदिर खुला रहेगा ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को असुविधा न हो।
कल दोपहर 12 बजे होगी भस्म आरती
16 फरवरी को भस्म आरती दोपहर 12 बजे आयोजित की जाएगी, जो महाकाल मंदिर की विशेष पहचान है और जिसे देखने के लिए देशभर से श्रद्धालु आते हैं। भीड़ प्रबंधन को सुचारु बनाने के लिए इस बार प्रसाद की मात्रा भी कई गुना बढ़ाई गई है। जहां सामान्य दिनों में लगभग 50 क्विंटल लड्डू बनते हैं, वहीं इस बार करीब 200 क्विंटल प्रसाद की व्यवस्था की गई है। आरती में शामिल होने के लिए जिन श्रद्धालुओं ने पूर्व पंजीयन कराया है, उन्हें बैठकर दर्शन की अनुमति दी जाएगी, जबकि अन्य भक्तों को चलित दर्शन व्यवस्था के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा।
सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान
इस बार सुरक्षा और सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। लगभग 1000 सुरक्षाकर्मियों को प्रशिक्षित कर तैनात किया गया है। पार्किंग स्थलों पर जूते-चप्पल रखने के लिए कैरी बैग उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महाकाल मंदिर के उप प्रशासक एसएन सोनी ने बताया कि मंदिर प्रशासन का प्रयास है कि सामान्य श्रद्धालु 45 से 60 मिनट के भीतर दर्शन कर सकें। वहीं 250 रुपए के शीघ्र दर्शन टिकट लेने वालों के लिए लगभग 25 मिनट में दर्शन की व्यवस्था की गई है। इस बार कई नवाचार किए गए हैं। सोशल मीडिया और शॉर्ट फिल्मों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन और जरूरी सूचनाएं दी जा रही हैं।
