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Love story Lady ASI and Constable: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में अनोखा मामला सामने आया है। सात मई को लोकसभा चुनाव के मतदान के बाद महिला एएसआई और कॉन्स्टेबल ने सात फेरे ले लिए। ड्यूटी के बाद दोनों न दफ्तर लौटे, न ही घर। दोनों को विभाग ने सस्पेंड कर दिया गया है।

Love story Lady ASI and Constable: ड्यूटी करते-करते महिला एएसआई और कॉन्स्टेबल के बीच दोस्ती हो गई। दोस्ती प्यार में बदल गई। सात मई को लोकसभा चुनाव के मतदान में दोनों की ड्यूटी लगी। ड्यूटी पूरी करने के बाद दोनों गायब हो गए। न दफ्तर लौटे और न ही अपने घर। दोनों के मोबाइल भी उसी दिन से स्विच ऑफ हैं। जिसके बाद दोनों को विभाग ने सस्पेंड कर दिया। सात दिन बाद 13 मई को महिला ASI ने अपनी मां को फोन कर कहा कि दिल्ली के आर्य समाज मंदिर में उसने शादी कर ली है। फिलहाल दोनों के लौटने का इंतजार किया जा रहा है।

आठ मई को दोनों को आना था दफ्तर लेकिन नहीं लौटे 
कंपू क्षेत्र में रहने वाली महिला एएसआई निशा जैन आईजी ऑफिस में बतौर कार्यपालक लिपिक तैनात है। पुलिस लाइन निवासी कॉन्स्टेबल अखंड प्रताप सिंह भी यहीं कार्यरत है। 7 मई को लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान के लिए एएसआई निशा जैन और कॉन्स्टेबल अखंड प्रताप सिंह दोनों की ड्यूटी ग्वालियर में ही लगी थी। दोनों ने ड्यूटी निभाई। चुनाव के बाद दूसरे दिन यानी 8 मई को उन्हें दफ्तर आना था, लेकिन दोनों न अपने घर पहुंचे और न ही ऑफिस आए। 13 मई को महिला ASI ने अपनी मां को फोन कर कहा कि उसने दिल्ली में शादी कर ली है। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ।

पांच साल से दोनों एक साथ कर रहे ड्यूटी 
एएसआई निशा जैन और आरक्षक अखंड प्रताप सिंह पिछले 5 साल से एक साथ, एक ही ऑफिस में काम कर रहे हैं। इस कारण दोनों में अच्छी दोस्ती हो गई थी। यही दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। फिलहाल दोनों कहां गए इसकी जानकारी किसी को भी नहीं है। निशा की मां ने पुलिस को बताया कि निशा लगातार अपने साथी से शादी करने के लिए कह रही थी। 

दोनों बिना बताए लापता हुए इसलिए निलंबित 
आईजी ग्वालियर रेंज अरविंद सक्सेना का कहना है कि महिला एएसआई और आरक्षक चुनाव ड्यूटी के बाद घर और फिर काम पर वापस नहीं लौटे हैं। दोनों बिना बताए लापता हुए हैं। यह काम में लापरवाही है, इसलिए दोनों को निलंबित किया गया है। उनके आर्य समाज मंदिर में शादी की सूचना मिली है, वो उनकी निजी जिंदगी है। दोनों पुलिसकर्मी वयस्क हैं। उन्हें अपने जीवन से संबंधित निर्णय लेने का अधिकार है।

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