कटनी में ट्रेन से 167 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। पुलिस को मानव तस्करी और मजदूरी के लिए महाराष्ट्र ले जाने की आशंका है।

मध्यप्रदेश के कटनी जिले में बीती रात एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। बताया जा रहा है कि, एक व्यक्ति संदिग्ध परिस्थिति में 167 मुस्लिम बच्चों को महाराष्ट्र ले जा रहा था। इनमें से अधिकतर बच्चे मुस्लिम हैं। पुलिस, जीआरपी और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने घेराबंदी कर बच्चों को अपने संरक्षण में लिया है। माना जा रहा है कि, इन बच्चों की तस्करी करके महाराष्ट्र में काम करवाने के लिए ले जा रहे थे।

खूफिया सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। कटनी आरपीएफ थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि, पटना-पुणे एक्सप्रेस में बड़ी संख्या में बच्चों को ले जाया जा रहा था। जैसे ही ट्रेन कटनी के प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर पहुंची तो RPF, GRP और बाल संरक्षण अधिकारियों ने घेराबंदी की। बोगियों से 167 बच्चों को नीचे उतारा गया। पूछताछ की गई तो पता चला कि, अधिकांश बच्चे बिहार के हैं।

बच्चों को मदरसे ले जाने का दावा
बच्चे ट्रेन के एस-1, 2, 3, 4 और एस- 7 में बैठे थे। इन बच्चों के साथ सद्दाम नाम का एक व्यक्ति था। उसने बताया है कि, बच्चों को बिहार के अरररिया से महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक मदरसे में लेकर जा रहा था। उसका कहना था कि, उसके समूह में 100 बच्चे हैं। बाकी बच्चे दूसरे ग्रुप के हैं। उसने दावा किया है कि, वह मदरसे में शिक्षक है। बच्चों को मदरसे में पढ़ाने के लिए ले जा रहा है।

मजदूरी और गैर-कानूनी काम की आशंका
पुलिस सद्दाम द्वारा किए गए दावों की जांच कर रही है। इधर बाल संरक्षण अधिकारियों के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि, महाराष्ट्र में बच्चों को मजदूरी और गैर-कानूनी काम में लगाया जाने वाला था। मामले को गंभीर मानते हुए आरपीएफ थाने में बच्चों को रखा गया है। उनकी कांउसलिंग की जा रही है।

अनियमितता पाई जाने पर होगी कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि, बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हम बच्चों के माता-पिता से संपर्क कर रहे हैं। जब तक पूरे मामले की जांच नहीं हो जाती तब तक बच्चों को अपने संरक्षण में रखा जाएगा। अगर किसी तरह की अनियमितता पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।

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