उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में रविवार सुबह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया दर्शन के लिए पहुंचीं। उन्होंने अपने परिवार के साथ भगवान महाकाल की भस्म आरती में भाग लिया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच उनका आगमन आकर्षण का केंद्र बना रहा। तड़के मंदिर पहुंचकर यास्तिका ने ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए और भगवान शिव के समक्ष शीश नवाया।
भस्म आरती में शामिल होकर की विशेष पूजा
यास्तिका भाटिया ने भस्म आरती के दौरान पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की। इस आरती को देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। यास्तिका ने भी इस अवसर को खास बताते हुए भगवान महाकाल से अपने परिवार की खुशहाली और देश के लिए बेहतर प्रदर्शन की कामना की। आरती के बाद उन्होंने मंदिर में कुछ समय बिताया और पूजा के विभिन्न अनुष्ठानों में भाग लिया। उनके साथ परिवार के सदस्य भी मौजूद थे, जिन्होंने मिलकर भगवान का आशीर्वाद लिया।
दर्शन के बाद कहा शांति की अनुभूति हुई
मीडिया से बातचीत में यास्तिका ने कहा कि महाकाल मंदिर में आकर उन्हें आंतरिक शांति का अनुभव हुआ। उन्होंने बताया कि व्यस्त क्रिकेट शेड्यूल के बीच इस तरह का आध्यात्मिक समय मिलना बेहद खास होता है। परिवार के साथ यहां आना उनके लिए यादगार अनुभव रहा। उन्होंने यह भी कहा कि इस पवित्र वातावरण में आने से मानसिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, जो खेल के प्रदर्शन में भी मदद करती है।
क्रिकेट करियर में बनाई मजबूत पहचान
यास्तिका भाटिया भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उभरती हुई खिलाड़ी हैं। उन्होंने साल 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था और तब से अपने प्रदर्शन से टीम में मजबूत जगह बनाई है। विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में उनकी भूमिका टीम के लिए अहम मानी जाती है। अपने खेल और अनुशासन के दम पर उन्होंने क्रिकेट जगत में मजबूत पहचान बनाई है। वह एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं।










