अशोकनगर। मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले में आयोजित एक जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का सख्त रुख देखने को मिला। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब उन्होंने मंच पर नजर डाली, तो वहां आम लोगों के आवेदन पत्र इधर-उधर बिखरे नजर आए। यह देखकर सिंधियां भड़क उठे और मौके पर ही कलेक्टर साकेत मालवीय को फटकार लगाई। उन्होंने कहा ये आवेदन महज कागज नहीं हैं, बल्कि जनता की उम्मीदें हैं। इनकी अनदेखी नहीं की जा सकती।
जनता की उम्मीदों को बताया ‘सोना’
सिंधिया ने अधिकारियों को समझाते हुए कहा कि इन आवेदनों को गंभीरता से संभालना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर आवेदन में किसी न किसी व्यक्ति की समस्या और उम्मीद जुड़ी होती है, इसलिए इन्हें लापरवाही से नहीं रखा जाना चाहिए।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे सोने के समान कीमती बताते हुए व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए हैं।
सिंधिया के व्यवहार पर सिंघार का तंज
सिंधिया के इस व्यवहार पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष ने ट्वीट किया कि राजशाही वाली “टोन” देखकर लगा मानो दरबार अभी भी जारी हो… बस फर्क इतना है कि समय बदल चुका है। अशोकनगर में कलेक्टर को जिस अंदाज़ में सार्वजनिक मंच से निर्देश दिए गए, वह “संवाद” कम और “हुक्म” जैसा ज्यादा लगा। शायद आदत पुरानी है, लेकिन लोकतंत्र में यह शैली थोड़ी असहज लगती है। उन्होंने आगे लिखा-यह 2026 का भारत है, जहां अधिकारी किसी दरबार के नहीं, संविधान और जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं।
माननीय @JM_Scindia जी की राजशाही वाली “टोन” देखकर लगा मानो दरबार अभी भी जारी हो… बस फर्क इतना है कि समय बदल चुका है।
— Umang Singhar (@UmangSinghar) April 6, 2026
अशोकनगर में कलेक्टर को जिस अंदाज़ में सार्वजनिक मंच से निर्देश दिए गए, वह “संवाद” कम और “हुक्म” जैसा ज़्यादा लगा। शायद आदत पुरानी है, लेकिन लोकतंत्र में यह शैली… pic.twitter.com/XPHT7pCZ1A
बिखरी अर्जियां देख जताई नाराजगी
कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब मंत्री मंच से गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर बिखरे हुए दस्तावेजों पर पड़ी। यह दृश्य देखकर वह बुरी तरह उखड़ गए। उन्होंने तुरंत अधिकारियों को उन्हें संभालकर रखने को कहा। इसके बाद अचानक पैदा हुई इस स्थिति को संभालते हुए कलेक्टर साकेत मालवीय खुद आगे बढ़े और कागजों को व्यवस्थित करने लगे। इस दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया वहीं खड़े होकर पूरी प्रक्रिया को देखते रहे।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सख्त लहजे में निर्देश दे रहे हैं और कलेक्टर साकेत मालवीय कागजों को समेटते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान मंच पर अन्य अधिकारी और लोग भी मौजूद थे। सिंधिया की नाराजगी के बाद कलेक्टर समेत वहां मौजूद सभी अधिकारियों ने तुरंत सभी आवेदनों को इकट्ठा कर फाइलों में व्यवस्थित किया।
Ashoknagar, Madhya Pradesh: During his three-day visit to Ashoknagar, Union Minister Jyotiraditya Scindia says, "...The process continued today even after the public hearing program at Kachnar..." pic.twitter.com/RIyvm0DXIt
— IANS (@ians_india) April 4, 2026
चर्चा का विषय बना सिंधिया का सख्त रुख
इस घटना के बाद केंद्रीय मंत्री सिंधिया के व्यवहार और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को लेकर चर्चा शुरू हो गई। कुछ लोग इसे जनता की समस्याओं के प्रति गंभीरता का संकेत मान रहे हैं, तो कुछ इसे सख्त प्रशासनिक शैली के रूप में देख रहे हैं। कुल मिलाकर, यह घटना प्रशासनिक जवाबदेही और जनसुनवाई की प्रक्रिया पर सवाल और संदेश दोनों छोड़ गई है।










