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Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को गाजियाबाद में एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला। इस दौरान उन्होंने कहा कि 'रामभक्तों के खून से रंगे हैं सपा के हाथ'

Ghaziabad News: 2027 में यूपी विधानसभा का चुनाव है। इस चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। 28 मार्च को पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ ने जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद एक जनसभा को संबोधित किया था। इसके ठीक एक दिन बाद अखिलेश यादव ने गौतमबुद्ध नगर जिले के ही दादरी में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केशव प्रसाद मौर्य सहित पार्टी के बड़े नेताओं पर निशाना साधा था, तो वहीं केशव प्रसाद मौर्य ने भी गाजियाबाद में रविवार को एक कार्यक्रम शामिल हो हुए। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। डिप्टी सीएम ने इस कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 'रामभक्तों के खून से रंगे हैं सपा के हाथ'

राम भक्त माफ नहीं करेंगे

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी के हाथ रामभक्तों के खून से रंगे हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी ने निहत्थे राम भक्तों पर गोलियां चलवाने का काम किया था। आपने सैफई में रामलला की मूर्ति लगा दी तो क्या सोचते हो कि राम भक्त आप लोगों को माफ कर देंगे। उन्होंने आगे कि अखिलेश जी मैं गाजियाबाद की धरती से यह कहना चाहता हूं कि रामभक्त आप लोगों को कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार नहीं होती तो जो आज अयोध्या में रामलला का मंदिर बना है। वह आने वाले 500 सालों में भी नहीं बनता।

अभी दो काम बाकी हैं।

डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी नाटक करने का काम करती है। इन लोगों के हाथ रामभक्तों के खून से रंगे हुए हैं। केशव प्रसाद मौर्य ने लोगों को संबोधित करते हुए आगे कहा कि अगर अखिलेश यादव सच में हिंदुओं के हितैषी है तो यूपी में अभी भी दो काम बचे हैं। उन्होंने अखिलेश को चुनौती देते हुए कहा कि पहला काशी में जो बाबा विश्वनाथ के मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई है। उसे हटाना है। उन्होंने कहा कि दूसरा मथुरा में जो श्रीकृष्ण जन्मभूमि को तोड़कर ईदगाह बनाई गई है उसे हटाने का कार्य अभी भी शेष बचा हुआ है। उन्होंने कहा कि मैं अखिलेश यादव जी से कहना चाहता हूं कि वह आगे आएं और साथ मिलकर इन दोनों को मुक्त कराने का काम करें।

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