haribhoomi hindi news
मध्य पूर्व में तनाव और हमलों के बीच भी हज यात्रा 18 अप्रैल से शुरू हो रही है। मध्यप्रदेश के हजारों जायरीन पूरी आस्था और भरोसे के साथ रवाना होने को तैयार हैं। जानिए कैसे डर पर भारी पड़ रहा है भरोसा।

भोपाल। इस वर्ष हज यात्रा 18 अप्रैल से शुरू होने जा रही है, लेकिन इस बार इसका माहौल अलग है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, मिसाइल हमलों और अस्थिर हालातों के बीच भी हज पर जाने वाले श्रद्धालुओं के हौसले मजबूत बने हुए हैं। भोपाल सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न हिस्सों से हजारों लोग इस पवित्र यात्रा के लिए तैयार हैं। उनके साथ बातचीत में यह साफ झलकता है कि जायरीन के दिलों में डर से ज्यादा विश्वास और आस्था है। वे मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बावजूद हज यात्रा पर जाना चाहते हैं।  

आस्था के आगे डर छोटा पड़ गया 
हज पर जाने वाले कई लोगों का मानना है कि जीवन और मृत्यु ईश्वर के हाथ में है। ऐसे में डरने का कोई कारण नहीं है। तीसरी बार सऊदी अरब जा रहे असगर सिद्दीकी का कहना है कि यह यात्रा उनके जीवन का सबसे अहम पड़ाव है। उनका विश्वास है कि यदि इस पवित्र भूमि पर मौत भी आती है, तो वह भी सौभाग्य की बात होगी। उन्होंने कहा इंसान को डर नहीं, बल्कि अपने विश्वास के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए।

हालात चिंताजनक, पर हिम्मत कायम 
जावेद बख्तियार बताते हैं कि उन्होंने हज से जुड़ी ट्रेनिंग पूरी कर ली है और सभी जरूरी तैयारियां कर रहे हैं। हालांकि, मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को लेकर वे जागरूक भी हैं। उनका कहना है कि हालात पहले जैसे नहीं हैं, लेकिन उन्हें भरोसा है कि जो नियति में लिखा है, वही होगा। वे मानते हैं कि डर से ज्यादा जरूरी है सकारात्मक सोच और ईश्वर पर भरोसा बनाए रखना।

जायरीन बोले बुलावा सबसे बड़ी ताकत 
हज यात्रा को लेकर जायरीन इसे एक खास बुलावा मानते हैं, जो हर किसी को नहीं मिलता। शहनाज, मई में हज के लिए रवाना होंगी। वह कहती हैं कि इस अवसर का इंतजार लोग सालों तक करते हैं। उन्होंने कहा, जब खुदा बुलाता है, तो किसी भी तरह का भय मायने नहीं रखता। वे मानती हैं कि आगे क्या होगा, यह इंसान नहीं, बल्कि ईश्वर तय करता है।

अफवाहों से बचें, तैयारी पर करें फोकस
हज से जुड़े विशेषज्ञों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। हज ट्रेनिंग से जुड़े फैय्याज अहमद ने स्पष्ट किया है कि यात्रा अपने तय कार्यक्रम के अनुसार शुरू होगी। सभी तैयारियां पूरी हैं और व्यवस्थाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। उन्होंने कहा जायरीन को अपनी तैयारी पर ध्यान देना चाहिए और मानसिक रूप से सकारात्मक बने रहना चाहिए।

मप्र से जाएंगे 8,000 से अधिक जायरीन
इस बार मध्य प्रदेश से हज यात्रा के लिए लगभग 8,000 जायरीन जाने वाले हैं। शुरुआत में प्रदेश को करीब 4,567 लोगों का कोटा मिला था। इसके बाद वेटिंग लिस्ट से 3,085 अतिरिक्त लोगों का चयन किया गया। इस तरह कुल संख्या बढ़कर लगभग 8 हजार पहुंच गई है। अगर इसमें प्राइवेट टूर ऑपरेटरों के माध्यम से जाने वाले लोगों को भी जोड़ लें, तो कुल संख्या करीब 8,000 से थोड़ी ज्यादा हो सकती है।

7