जबलपुर। शहर में एक परिवार के लिए होली का उत्सव गहरे दुख में बदल गया। बीते दिवस धुंलेंडी के दिन रंग खेलने के बाद डेम में नहाने गया एक युवक गहरे पानी में डूब गया। बरगी डेम के जीरो पॉइंट की इस घटना में बुधवार दोपहर लगभग एक बजे यह हादसा हुआ। 25 वर्षीय युवक शैलेश नेमा अपने मित्रों के साथ रंग खेलने के बाद वहां नहाने पहुंचा था। इस दौरान वह बहाव में बह गया। साथियों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वहां पत्थरों पर तेज फिसलन की वजह से वे उसे बचा नहीं सके। उसकी तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया गया है।
देखते ही देखते पानी में लापता हो गया
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि युवक नहाते समय धीरे-धीरे गहरे हिस्से की ओर बढ़ गया। पानी की गहराई का अंदाजा न होने और नीचे फिसलन भरे पत्थरों के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया। दोस्तों ने तुरंत उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तेज ढलान और अधिक गहराई के कारण वे सफल नहीं हो सके। देखते ही देखते वह पानी में लापता हो गया। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं।
युवक का अब तक नहीं चला पता
भीड़ भी तेजी से बढ़ती गई और सैकड़ों लोग वहां जमा हो गए। स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया, जिसने देर शाम तक पानी में खोजबीन की। हालांकि पहले दिन युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। गुरुवार को भी तलाश अभियान जारी रखा गया, ताकि युवक का पता लगाया जा सके, लेकिन अब तक उसका पता नहीं चल सका है। घटना के बाद परिवार में आक्रोश देखा गया। परिजनों ने प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए और सुरक्षा इंतजामों की कमी को लेकर विरोध जताया।
जीरो पॉइंट पर चेतावनी संकेत नहीं
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारियों ने परिवार को भरोसा दिलाया कि वहां सुरक्षा के उपाय किए जाएंगे। स्थानीय निवासियों का भी कहना है कि जीरो पॉइंट पर चेतावनी संकेत, बैरिकेडिंग और स्थायी गोताखोरों की व्यवस्था नहीं है। उनका मानना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है। यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि जलाशयों के पास सावधानी बेहद जरूरी है, क्योंकि जरा सी लापरवाही बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।









