इंदौर। इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट अब लगभग तैयार हो चुका है। अब इसे शुरू करने से पहले अंतिम सुरक्षा जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है। जांच के लिए कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की 70 से अधिक विशेषज्ञों वाली टीम इस समय शहर में है। यह टीम मेट्रो ट्रैक, स्टेशनों और पूरी तकनीकी व्यवस्था का विस्तार से निरीक्षण कर रही है। इसी जांच के आधार पर तय होगा कि मेट्रो का नियमित यात्री संचालन कब शुरू किया जा सकता है। अगर सब कुछ ठीक रहा और सीएमआरएस टीम ने हरी झंडी दे दी तो 17 किमी मार्ग पर जल्द परिचालन शुरू हो सकता है।
ट्रैक और सिस्टम की तकनीकी जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गांधी नगर क्षेत्र से ट्रॉली के जरिए मेट्रो ट्रैक का परीक्षण शुरू किया। लगभग पंद्रह ट्रॉलियों में बैठकर विशेषज्ञों ने ट्रैक की स्थिति, सुरक्षा मानकों और स्टेशन सुविधाओं का निरीक्षण किया। खास तौर पर उन जगहों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है जहां ट्रैक में मोड़ (कर्व) हैं, क्योंकि ऐसे स्थानों पर ट्रैक की मजबूती और ट्रेन की स्थिरता की जांच बहुत जरूरी होती है। लवकुश चौराहा ब्रिज के आगे भी टीम कुछ समय तक रुकी और वहां ट्रैक की बारीकी से जांच की।
निरीक्षण के दौरान कुछ हिस्से में सेवा बंद
इस प्रक्रिया के चलते फिलहाल लगभग छह किलोमीटर के हिस्से में मेट्रो का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इस दौरान ट्रैक की स्थिति के साथ-साथ ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम और स्टेशन पर यात्रियों के लिए की गई व्यवस्थाओं का परीक्षण किया जा रहा है। यह पूरा सुरक्षा निरीक्षण 18 मार्च तक जारी रहने वाला है। अभी मेट्रो सेवा गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर के बांगड़दा क्षेत्र तक सीमित रूप से चल रही है, लेकिन यह इलाका मुख्य शहर से थोड़ा दूर होने के कारण यात्रियों की संख्या फिलहाल कम है।
तेज रफ्तार ट्रायल से होगी क्षमता की जांच
निरीक्षण के पहले चरण में ट्रॉली रन किया गया, जिसके जरिए ट्रैक की सामान्य स्थिति को परखा गया। इसके बाद मेट्रो ट्रेन को करीब 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर परीक्षण किया जाएगा। इस प्रक्रिया से यह देखा जाएगा कि तेज गति पर ट्रेन और ट्रैक की कार्यक्षमता कैसी रहती है और कहीं कोई तकनीकी समस्या तो नहीं आती। सीएमआरएस की टीम इससे पहले भी मेट्रो के 11 स्टेशनों और ट्रैक का प्रारंभिक निरीक्षण कर चुकी है। उस जांच में कोई बड़ी तकनीकी कमी सामने नहीं आई थी। अब अंतिम चरण का निरीक्षण किया जा रहा है।
जल्द मिल सकती है यात्रियों को बड़ी सुविधा
यदि अंतिम जांच में सब कुछ संतोषजनक पाया गया, तो मेट्रो सेवा गांधी नगर से रेडिसन चौराहे तक शुरू कर दी जाएगी। इससे लगभग 17 किलोमीटर लंबे रूट पर यात्रियों को मेट्रो की सुविधा मिलने लगेगी। इस रूट के साथ चंद्रगुप्त मौर्य प्रतिमा, सुखलिया ग्राम, विजय नगर और रेडिसन चौराहा जैसे स्टेशनों का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। इन स्थानों पर फिलहाल अंतिम सजावट और फिनिशिंग का काम चल रहा है। अधिकारियों का लक्ष्य है कि मार्च के अंत तक सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि अप्रैल के पहले सप्ताह में इस पूरे मार्ग पर मेट्रो सेवा शुरू की जा सके।








