इंदौर अग्निकांड में 8 की मौत, नवविवाहित की जान बची क्योंकि वह मायके में रुकी थी, शॉर्ट सर्किट और सिलेंडर ब्लास्ट से ऐसे बचे पांच लोग।

Indore News: इंदौर के बृजेश्वरी कॉलोनी में लगी भीषण आग की घटना में 8 लोग मारे गए। इस अग्निकांड में किसी तरह 5 लोग बच गए, इनमें नवविवाहित जोड़ा सोमिल और सखी भी शामिल थे। सोमिल और सखी की शादी अभी डेढ़ महीने पहले, 23 जनवरी को हुई थी। सोमिल ने पूरी घटना का ब्योरा दिया है और बताया है कि कैसे वह अपनी मां और 2 भाइयों के साथ आग से बच निकले।

सोमिल ने कहा कि, "जब आग लगी तब मैं सो रहा था और जब तक मैं जागा, तब तक आग फैल चुकी थी। पूरे घर में घना, काला धुआं भर गया था। इसकी वजह से कुछ भी देख पाना नामुमकिन हो गया था। ग्राउंड फ्लोर का दरवाजा अंदर से बंद था, जिससे हम अंदर ही फंस गए। मैं, अपनी मां सुनीता, बड़े भाई सौरभ और छोटे भाई हर्षित के साथ किसी तरह बालकनी तक पहुंचने में कामयाब रहा, क्योंकि बालकनी का दरवाजा अभी भी खुला हुआ था।"

ग्रिल तोड़कर निकाले गए बाहर
उन्होंने आगे बताया कि, "हम तब तक मदद के लिए चिल्लाते रहे जब तक हमारे पड़ोसी नहीं आ गए। उन्होंने अपने घर से एक सीढ़ी लगाई, और बालकनी की लोहे की ग्रिल तोड़कर हम बाहर निकल आए। बाहर निकलने के बाद हमने दूसरों को बचाने के लिए वापस अंदर जाने की कोशिश की लेकिन आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि ऐसा करना नामुमकिन था।"

मंगलवार के कारण बची पत्नी की जान
गौरतलब है कि, सोमिल की पत्नी सखी इसलिए बच गईं क्योंकि वह अपने मायके से ससुराल नहीं लौटी थी। परिवार वालों के मुताबिक, शादी के बाद वह अपने मायके चली गई थीं और उन्हें मंगलवार को ही वापस लौटना था। हालांकि, वापसी का प्लान टाल दिया गया क्योंकि परिवार ऐसे कामों के लिए मंगलवार को अशुभ मानता है। इस देरी ने ही उनकी जान बचा ली।

पुगलिया परिवार के घर में लगी थी भीषण आग
बता दें कि, इंदौर में बुधवार की सुबह, बंगाली स्क्वायर के पास बृजेश्वरी कॉलोनी में पुगलिया परिवार के घर में भीषण आग लग गई। पुलिस ने बताया था कि आग सुबह करीब 4 बजे शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। घर के बाहर एक इलेक्ट्रिक कार चार्ज हो रही थी, और वहीं से आग तेजी से घर के अंदर फैल गई। घर के अंदर रखे दो LPG सिलेंडर फट गए, और बिजली गुल होने की वजह से इलेक्ट्रॉनिक दरवाजों के लॉक काम करना बंद कर गए। इसकी वजह से घर में रहने वाले लोग अंदर ही फंस गए, जब तक कि बचाव दल ने दरवाजे तोड़कर उन्हें बाहर नहीं निकाला।