इंदौर। जर्मनी की प्रसिद्ध फर्नीचर फिटिंग्स बनाने वाली कंपनी हेटिच ने इंदौर में अपनी नई विनिर्माण इकाई का उद्घाटन किया है। कंपनी का उद्देश्य भारत को अपने वैश्विक उत्पादन नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना है। कंपनी के बयान के अनुसार यह भारत में अंडरमाउंट ड्रॉअर रनर के निर्माण के लिए बनाई गई पहली समर्पित उत्पादन इकाई है। यह परियोजना भारत में किए जा रहे लगभग 2,000 करोड़ रुपये के कुल निवेश का हिस्सा है, जिसके माध्यम से कंपनी यहां अपने औद्योगिक विस्तार को मजबूत कर रही है।
25,700 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है यह संयंत्र
इंदौर में स्थापित यह नया स्वचालित संयंत्र लगभग 25,700 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है। यह कंपनी के बड़े औद्योगिक परिसर का हिस्सा है, जो कुल 1,03,039 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित किया गया है। इस आधुनिक प्लांट के जरिए कंपनी जर्मन इंजीनियरिंग और तकनीकी विशेषज्ञता को भारत में लागू कर रही है। कंपनी के अनुसार इंदौर स्थित इस औद्योगिक परिसर में पहले से मौजूद हिंज निर्माण इकाई की वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 6 करोड़ हिंज की है। अब नए क्वाड्रो प्लांट के शुरू होने से यहां हर साल करीब 50 लाख अंडरमाउंट ड्रॉअर रनर भी बनाए जा सकेंगे।
वैश्विक उत्पादन में केंद्र की होगी अहम भूमिका
इससे भारत में कंपनी की उत्पादन क्षमता और तकनीकी दक्षता को मजबूती मिलेगी। इस विस्तार के बाद इंदौर का यह संयंत्र कंपनी के वैश्विक उत्पादन नेटवर्क में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह सुविधा प्रीमियम फर्नीचर फिटिंग्स के निर्माण के लिए जानी जाती है। यहां हिंज, स्लाइडिंग प्रोफाइल, एल्युमिनियम प्रोफाइल और क्यूब प्लस सिस्टम जैसे कई उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इन सभी उत्पादों का उपयोग आधुनिक फर्नीचर और इंटीरियर डिजाइन उद्योग में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
भारत में 2,000 करोड़ निवेश करेगी कंपनी
इसी कारण इंदौर स्थित यह प्लांट कंपनी के दुनिया भर में मौजूद सबसे महत्वपूर्ण विनिर्माण केंद्रों में से एक बन गया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक आंद्रे एकहोल्ट ने कहा कि भारत में 2,000 करोड़ से अधिक के निवेश और भारतीय मानक ब्यूरो प्रमाणित निर्माण प्रक्रिया पर ध्यान देने के साथ कंपनी अपने बिल्ड टू लीड विजन को और मजबूत कर रही है। साथ ही वह मेड इन इंडिया उत्पादों के अपने पोर्टफोलियो का लगातार विस्तार कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी की दीर्घकालिक वैश्विक रणनीति में भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।