ग्वालियर। शहर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। लंबे समय बाद हुई इस कार्रवाई में 50 से अधिक अवैध कॉलोनियों को चिन्हित किया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान की अदालत ने इन मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए 79 कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। सभी संबंधित एसडीएम को इन आदेशों के पालन के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कार्रवाई पिछले कई वर्षों में सबसे बड़ी मानी जा रही है।
प्लाट खरीदने वालों में चिंता
इससे अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन कॉलोनियों में अभी खाली जमीन या प्लॉट बचे हुए हैं, उन्हें सरकारी कब्जे में लिया जाएगा। इसका मतलब है कि कॉलोनाइजर अब इन जमीनों पर कोई अधिकार नहीं रख पाएंगे। सरकार इन प्लॉट्स का उपयोग अपनी योजनाओं के अनुसार कर सकती है। हालांकि जिन लोगों ने पहले ही प्लॉट खरीद लिए हैं, उनके लिए फिलहाल कोई राहत नहीं दी गई है।
पहले ही दी गई थी चेतावनी
अधिकारियों के अनुसार, अवैध कॉलोनियों को लेकर पहले ही लोगों को सतर्क किया जा चुका था। प्रशासन ने सार्वजनिक रूप से अपील की थी कि बिना वैध अनुमति वाली कॉलोनियों में निवेश न करें। इसके अलावा जमीन के रिकॉर्ड में भी इन कॉलोनियों को अवैध के रूप में दर्ज किया गया था। खसरा-खतौनी में कॉलम नंबर-12 में इसकी जानकारी दर्ज कर दी गई थी। इसके बावजूद कई लोगों ने जोखिम उठाकर प्लॉट खरीदे।
सभी को मिला पक्ष रखने का मौका
कलेक्टर कोर्ट ने सभी आरोपियों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया। लेकिन कॉलोनाइजर वैध अनुमति या जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई का आदेश जारी किया। अलग-अलग एसडीएम द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट्स के आधार पर यह निर्णय लिया गया। इससे साफ है कि प्रशासन अब अवैध निर्माण को लेकर कोई नरमी नहीं बरत रहा है।
कलेक्ट्रेट में ऐसे 150 मामले लंबित
प्रशासन की यह कार्रवाई यहीं तक सीमित नहीं रहने वाली है। कलेक्टर न्यायालय में ऐसे ही 150 से अधिक मामले अभी लंबित हैं। इन सभी पर सुनवाई चल रही है और जल्द ही फैसले आ सकते हैं। यह कार्रवाई जिले के कई क्षेत्रों में की गई है। मुरार क्षेत्र के उदयपुर, धनेली, करिगवां, बेरजा और सुनारपुरा इसमें शामिल हैं। ग्वालियर शहर के ओड़पुरा, सुसैरा, कुलैथ, जिगसौली और इकहरा में भी कार्रवाई हुई है। इसके अलावा घाटीगांव और मोहना क्षेत्र में भी अवैध कॉलोनियां चिन्हित की गई हैं।









