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भोपाल नगर निगम आयुक्त ने अधिकारियों को 6 माह का टारगेट दिया है और विभागवार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में परफॉर्मेंस रिव्यू के दौरान कई अधिकारियों के कामकाज पर सवाल भी उठे। पढ़ें पूरी खबर।

भोपाल। भोपाल नगर निगम (बीएमसी) आयुक्त संस्कृति जैन ने अधिकारियों के लिए अगले छह महीनों का कार्य रोडमैप तय किया और उन्हें निर्देश दिए कि वे अपनी-अपनी योजनाओं का विस्तृत खाका समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करें। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, आयुक्त ने बैठक के दौरान सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे अपनी योजनाओं को कागज पर स्पष्ट रूप से लिखें। इस दौरान अधिकारियों को विभागवार कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा गया, ताकि आगामी छह महीनों में होने वाले कामों की स्पष्ट दिशा तय की जा सके।

बैठक में तय की गई प्राथमिकताएं
यह बैठक अपराह्न 4 बजे शुरू हुई और रात 8 बजकर 20 मिनट तक चली। इस दौरान हर अधिकारी को अपनी योजना प्रस्तुत करने के लिए लगभग 30 से 50 मिनट का समय दिया गया। अधिकारियों ने अपनी-अपनी रणनीति विस्तार से बताई, जिसमें विभागीय प्राथमिकताएं और कार्यान्वयन की प्रक्रिया शामिल थी। आयुक्त संस्कृति जैन ने हर प्रस्तुति को गंभीरता से सुना और उसका बारीकी से मूल्यांकन किया। उन्होंने योजनाओं की समीक्षा करते समय कई सवाल भी किए, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि प्रस्तावित कार्य योजनाएं व्यावहारिक और प्रभावी हैं। 

कार्यप्रणाली दुरुस्त करने पर चर्चा
बैठक में मौजूद लोगों ने बताया कि उनका तरीका किसी परीक्षक की तरह था, जो उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करता है और हर पहलू पर ध्यान देता है। अधिकारियों के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाना और जवाबदेही सुनिश्चित करना था। पूरी चर्चा के दौरान योजनाओं की स्पष्टता, समयबद्ध क्रियान्वयन और परिणामों की जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया गया। आयुक्त ने यह संकेत भी दिए कि कुछ विभागों में जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है। 

कुछ के कामकाज पर उभरा असंतोष
आने वाले समय में नगर निगम के भीतर कार्य वितरण में फेरबदल देखने को मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार, राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों के कामकाज को लेकर असंतोष भी सामने आया है। वहीं, मैकेनिकल विभाग के उप नगर यंत्री के कार्य को लेकर भी शिकायतें मिली हैं। इन मुद्दों पर आयुक्त ने गंभीरता से ध्यान दिया है और संकेत दिए हैं कि आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। कुल मिलाकर, यह बैठक आने वाले छह महीनों के लिए नगर निगम के कामकाज की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है, जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर प्रदर्शन को प्राथमिकता दी गई है।

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