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धार भोजशाला विवाद में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए अब रोजाना सुनवाई का आदेश दिया है। एएसआई रिपोर्ट, वीडियोग्राफी और पक्षकारों की आपत्तियों पर विस्तृत बहस होगी, जिससे जल्द फैसला आने की उम्मीद बढ़ गई है।

इंदौर। मध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद में अब तेजी देखने को मिलेगी। इंदौर स्थित हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस मामले में नियमित सुनवाई का फैसला लिया है। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच अब इस मुद्दे पर सोमवार से रोज सुनवाई करेगी। कोर्ट के निर्देश के अनुसार, अब इस मामले की सुनवाई हर दिन दोपहर 2:30 बजे से की जाएगी। इससे पहले, गुरुवार को हुई सुनवाई में अदालत ने आगे की प्रक्रिया को विस्तार से स्पष्ट किया।

पहले याचिकाकर्ता, फिर अन्य की सुनवाई
अदालत ने तय किया है कि सुनवाई के दौरान सबसे पहले याचिका दायर करने वाले पक्षों को सुना जाएगा। इसके बाद विरोध दर्ज कराने वाले पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। यह सुनवाई न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की खंडपीठ द्वारा की जाएगी। गुरुवार को कोर्ट ने कई याचिकाओं और एक अपील पर प्रारंभिक सुनवाई भी की।

एएसआई रिपोर्ट-वीडियोग्राफी बनेगी आधार
इस मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा तैयार की गई सर्वे रिपोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही साइट की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी को भी कोर्ट में प्रमुख साक्ष्य के रूप में देखा जाएगा। पक्षकारों द्वारा इन रिपोर्ट्स पर जो आपत्तियां दर्ज की गई हैं, उन्हें भी सुनवाई के दौरान विस्तार से परखा जाएगा।

शीर्ष कोर्ट ने कहा हाईकोर्ट ही करेगा सुनवाई
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि इस विवाद का अंतिम निर्णय हाईकोर्ट ही करेगा। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। साथ ही, वर्तमान स्थिति को बनाए रखने और पुराने आदेशों का पालन जारी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। लंबे समय से चल रहे इस विवाद में अब मामला अंतिम दौर की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। 

जल्द आ सकता है इस विवाद पर निर्णय
हाईकोर्ट सुनवाई के दौरान यह भी देखेगा कि क्या नए सबूतों या वीडियोग्राफी से कोई अहम तथ्य सामने आए हैं। एएसआई द्वारा तैयार की गई सर्वे रिपोर्ट सभी पक्षों को उपलब्ध कराई गई है। कई पक्षों ने इस पर अपनी आपत्तियां भी दर्ज कर दी हैं, जिन पर अब हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई होगी। हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच सालों से जारी इस विवाद में अब रोजाना सुनवाई से यह उम्मीद बढ़ गई है कि जल्द ही कोई ठोस फैसला सामने आ सकता है। 

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