Nepanagar News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार (15 मार्च) को बुरहानपुर जिले के नेपानगर में विकास की नई इबारत लिखी। 'जनजातीय सम्मेलन' के दौरान मुख्यमंत्री ने ₹363 करोड़ से अधिक की लागत के 127 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने जहां क्षेत्र के विकास के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर जमकर बरसे।
राहुल गांधी पर बरसे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब देश चुनौतियों का सामना करता है, तब राहुल गांधी विदेशी धरती पर होते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "भगवान करे कांग्रेस राहुल गांधी को अपना नेता बनाए रखे, इससे भाजपा अपने आप आगे बढ़ती जाएगी।"
उन्होंने आगे कहा कि जब लोकसभा में लोकतंत्र पर चर्चा होती है, तो राहुल गांधी गायब हो जाते हैं और बाहर आकर कहते हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया। सीएम ने यूक्रेन-रूस युद्ध का जिक्र करते हुए पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ की और कहा कि आज पूरी दुनिया भारत का लोहा मान रही है।
नेपानगर के लिए बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की तकदीर बदलने के लिए कई महत्वपूर्ण ऐलान किए:
- वन अधिकार के पट्टों को अब रजिस्ट्री में बदला जाएगा। इसमें लगने वाली ₹5,000 करोड़ की राशि सरकार माफ करेगी।
- नेपानगर कॉलेज में अब 'एग्रीकल्चर' (कृषि) विषय की पढ़ाई शुरू होगी।
- धूलकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड किया जाएगा।
- ऐतिहासिक असीरगढ़ किले को प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
- ताप्ती नदी पर दस घाट केर पानी मार्ग पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण और सड़कों का चौड़ीकरण होगा।
- क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 30 नई फैक्ट्रियां स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
कागज उद्योग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
नेपानगर की पहचान रहे कागज उद्योग पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के दौर में कागज की जरूरत कम हुई है, लेकिन सरकार यहां के उद्योगों को बंद नहीं होने देगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उद्योग चलाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जाएंगी ताकि युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल सके।
मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना का जिक्र करते हुए कांग्रेस को घेरा और कहा कि हमने विपक्ष के दावों के विपरीत योजना की 34वीं किस्त जारी कर दी है। उन्होंने आदिवासी कल्याण के लिए ₹47 हजार करोड़ के बजट और भगोरिया को राष्ट्रीय उत्सव बनाने की बात भी दोहराई।