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भोपाल के शाहजहांनाबाद में 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या मामले में दोषी अतुल निहाले की तिहरी फांसी पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगाई।

Bhopal Rape-Murder Case: मध्यप्रदेश। भोपाल के शाहजहांनाबाद में पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या करने वाले अतुल निहाले को मिली तिहरी फांसी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। अदालत दुष्कर्म और हत्या मामले में दोषसिद्धि से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तृत सुनवाई करेगी। 

दोनों पक्षों को सुनेगी सुप्रीम कोर्ट
अतुल निहाले की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने सुनवाई की थी। इस बेंच में जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया शामिल थे। मामले पर सुनवाई के बाद अदालत ने अतुल निहाले को मिले डेथ सेंटेंस पर स्टे लगा दिया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा निचली अदालत और हाई कोर्ट के फैसल में हस्तक्षेप किया जाएगा या नहीं या दोनों पक्षों को सुनने के बाद तय होगा। 

क्या है मामला
बता दें कि, 24 सितंबर 2024 को भोपाल के शाहजहानाबाद क्षेत्र में पांच साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अतुल निहाले मुख्य आरोपी था। उसने दुष्कर्म के बाद बच्ची के शव को पहले बेड के नीचे छिपाया उसके बाद शव को पानी की टंकी में डाल दिया था। इस पूरे कांड में अतुल की बहन चंचल और मां बसंती निहाले भी शामिल थीं। दोनों ने मिलकर सच छिपाया था और पुलिस को गुमराह भी किया था।

हाईकोर्ट ने सजा को रखा था बरकरार
भोपाल की विशेष अदालत ने 18 मार्च को अतुल निहाले को पोक्सो, दुष्कर्म और हत्या के मामले दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने जनवरी 2026 में फांसी की सजा को बरकरार रखा था और टिप्पणी की थी कि, 'यह रेयरेस्ट ऑफ द रेयरेस्ट केस है, इसकी कल्पना रूह कंपा देने वाली है।'

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