भोपाल। प्रदेश की राजधानी में इस वित्तीय वर्ष के अंतिम दौर में संपत्ति पंजीयन की रफ्तार में बहुत तेजी आ गई है। आंकड़ों के मुताबिक अब तक करीब 10 लाख 31 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं। शहर में प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री का काम तेजी से जारी है। मार्च के अंतिम दिनों में पंजीयन की गति बहुत तेज हो गई है, क्योंकि अगले दिनों में संपत्ति के दाम बढ़ने की संभावना है। लोग इसी वित्तीय वर्ष में संपत्तियों की खरीद-बिक्री का काम पूरा कर लेना चाहते हैं।
रजिस्ट्रेशन ऑफिसों में लगी लोगों की भीड़
इसी वजह से लोग, अपने सौदों को जल्द पूरा करने के लिए पंजीयन कार्यालयों का रुख कर रहे हैं। शहर के अलग-अलग रजिस्ट्रेशन ऑफिस में हर दिन औसतन 500 से 600 संपत्तियों का पंजीयन हो रहा है। इससे पता चलता है कि रियल एस्टेट सेक्टर में जबर्दस्त गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। हालांकि, इतनी अधिक रजिस्ट्रियों के बावजूद विभाग अपने राजस्व लक्ष्य को हासिल करने में अभी पीछे है।
अब तक 1800 करोड़ रुपए की जुटे
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विभाग को लगभग 2109 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन अब तक करीब 1800 करोड़ रुपए ही जुटाए जा सके हैं। यानी लक्ष्य पूरा करने के लिए अब भी लगभग 400 करोड़ रुपए की कमी बनी हुई है। यह स्थिति बताती है कि रजिस्ट्रियों की संख्या बढ़ने के बावजूद राजस्व संग्रह अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है। राजस्व बढ़ाने के लिए विभाग ने कुछ अतिरिक्त कदम भी उठाए हैं।
अवकाश में भी खुले रखे पंजीयन कार्यालय
मार्च में, अवकाश के दिनों में भी पंजीयन कार्यालय खुले रखे गए, ताकि अधिक से अधिक लोग रजिस्ट्रेशन करा सकें। लेकिन इन अतिरिक्त कार्यदिवसों की जानकारी सभी लोगों तक प्रभावी तरीके से नहीं पहुंच पाई, जिसके कारण उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं दिखी और कामकाज सामान्य स्तर पर ही रहा। कोविड-19 के बाद से प्रदेश में संपत्ति खरीदने का रुझान लगातार बढ़ा है।
बढ़ रहा रजिस्ट्री से मिलने वाला राजस्व
पिछले सालों के आंकड़े भी यही दिखाते हैं कि हर साल रजिस्ट्रियों की संख्या और उससे मिलने वाला राजस्व बढ़ रहा है। इससे साफ है कि लोगों का रियल एस्टेट सेक्टर पर भरोसा मजबूत हुआ है और निवेश की प्रवृत्ति भी बढ़ी है। माना जा रहा है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार स्थिति बेहतर है। आखिरी दिनों में लोग तेजी से संपत्तियों की खरीद-बिक्री में लगे हुए हैं। अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो विभाग जल्द लक्ष्य के करीब पहुंच सकता है।