भोपाल। वित्त वर्ष 2026–27 के लिए तैयार हो रहे भोपाल नगर निगम के बजट को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक संकेतों के अनुसार इस बार नगर निगम की नागरिकों पर किसी नए कर का बोझ डालने की योजना नहीं है। खास बात यह है कि प्रॉपर्टी टैक्स की दरों में भी बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है। निगम की बजट प्रक्रिया से जुड़े एक वरिष्ठ अफसर के अनुसार इसके बजाय निगम प्रशासन इस बजट को व्यवस्थित करने के लिए कुछ पुरानी मदों को खत्म करने पर विचार कर रहा है।
हट सकती हैं एक दर्जन से अधिक बजट मदें
सूत्रों के अनुसार नगर निगम के आगामी बजट में करीब एक दर्जन से अधिक बजट मदों को हटाया जा सकता है। इनमें मेयर फंड जैसे कुछ प्रमुख मद भी शामिल हो सकते हैं। इन बदलावों का उद्देश्य बजट को सरल बनाना और खर्चों को अधिक व्यवस्थित तरीके से नियोजित करना है, ताकि शहर के विकास कार्यों पर ज्यादा ध्यान दिया जा सके। नगर निगम का यह बजट 23 मार्च को पेश किया जाना प्रस्तावित है। बजट की तैयारियां फिलहाल तेज गति से चल रही हैं।
संस्कृति जैन कर रहीं बजट प्रक्रिया की निगरानी
बजट प्रक्रिया की निगरानी नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार बजट का प्रारूप तैयार करने का काम अंतिम चरण में है और इसे लगभग 16 मार्च के आसपास अंतिम स्वीकृति मिल सकती है। इसके बाद इसे औपचारिक रूप से परिषद के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। यह महापौर मालती राय के कार्यकाल का चौथा बजट होगा। नगर निगम के अधिकारी पिछले दो सप्ताह से लगातार बैठकों के माध्यम से शहर की जरूरतों और विकास योजनाओं पर चर्चा कर रहे हैं।
बजट पर विचार-विमर्श का दौर जारी
बताया जाता है कि बैठकों में घंटों तक विचार-विमर्श कर यह तय किया जा रहा है कि किन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए और किन क्षेत्रों में अधिक निवेश की जरूरत है। आगामी बजट में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर विशेष जोर रहने की संभावना है। इसमें सड़कों के निर्माण और मरम्मत, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, पार्कों का विकास और तालाबों के संरक्षण जैसे कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि प्रस्तावित की जा सकती है।
बजट में सार्वजनिक सुविधाओं पर रहेगा जोर
इसके अलावा, बजट में शहर की सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी कई योजनाएं शामिल की जाएंगी। सूत्रों के अनुसार बजट में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण परियोजनाओं के लिए भी राशि निर्धारित की जाएगी। इसके अलावा शहर के प्रवेश द्वार पर एक भव्य हेरिटेज गेट बनाने की योजना, गीता भवन क्षेत्र का विकास, नए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण और प्रमुख तालाबों के संरक्षण से जुड़े प्रोजेक्ट भी प्रस्तावित किए जा सकते हैं।