भोपाल। राजधानी के व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र एमपी नगर स्थित ज्योति टॉकीज चौराहे के पास सड़क मरम्मत का काम शुरू किया गया है। इससे आसपास के व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। यहां धंसी हुई सड़क को ठीक करने के लिए निर्माण कार्य शुरू किया गया, तब पहले ही दिन अप्रत्याशित स्थिति बन गई। मरम्मत कार्य के दौरान नाले का पानी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, जिसके कारण सीवेज सिस्टम में दबाव बढ़ गया और ज्योति कॉम्प्लेक्स की कई दुकानों में गंदा पानी भर गया।
सीवर का पानी भरने से पैदा हुई परेशानी
इस परिसर में करीब डेढ़ सौ दुकानें हैं, जिनमें से कई बेसमेंट में स्थित हैं। पानी भरने की वजह से दुकानदारों के लिए अपने प्रतिष्ठानों में खड़ा रहना भी मुश्किल हो गया। बदबू और तेजी से भरते गंदे पानी के कारण व्यापारियों को बड़ी परेशानी उठानी पड़ी। खासतौर पर बेसमेंट में संचालित मोबाइल शॉप और अन्य दुकानों में पानी तेजी से भर गया। इस दौरान व्यापारी अपना सामान और उपकरण बडी मुश्किल से सुरक्षित स्थानों पर ले गए। स्थिति से नाराज व्यापारियों ने इसका विरोध भी किया।
परेशान लोगों ने सड़क पर जाम लगाया
उन्होंने सड़क पर निकलकर ज्योति टॉकीज से बोर्ड ऑफिस की ओर जाने वाले मार्ग पर कुछ समय के लिए जाम कर दिया। पहले से ही सड़क मरम्मत के कारण बोर्ड ऑफिस से ज्योति टॉकीज की ओर आने वाला रास्ता बंद था, इसलिए इस विरोध के चलते यातायात व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई। परिणामस्वरूप चेतक ब्रिज और एमपी नगर जोन-1 तथा जोन-2 से आने-जाने वाले वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालकों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लगभग 2 किमी लंबा रास्ता तय करना पड़ा, जिससे सड़क पर लंबी कतारें लग गईं।
बेसमेंट के चेंबर से गुजरती है सीवर लाइन
जानकारी के मुताबिक कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में पानी निकासी के लिए विशेष चेंबर बनाए गए हैं, जिनसे सीवेज लाइन भी होकर गुजरती है। जब मरम्मत कार्य कर रहे पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने नाले का पानी बंद किया, तब दबाव बढ़ने से सीवेज लाइन प्रभावित हो गई। इसके कारण चेंबर से पानी ओवरफ्लो होकर सीधे दुकानों के बेसमेंट में पहुंच गया। स्थिति को संभालने के लिए नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और टैंकरों की मदद से पानी को बाहर निकालने की कोशिश की गई।
पिछले साल धंस गया था सड़क का हिस्सा
गौरतलब है कि पिछले वर्ष भारी बारिश के दौरान इसी क्षेत्र में सड़क का एक हिस्सा धंस गया था। मुख्य सड़क पर लगभग आठ फीट गहरा और दस फीट चौड़ा गड्ढा बन गया था, जिससे यातायात और सुरक्षा दोनों पर खतरा पैदा हो गया था। उस समय अस्थायी मरम्मत कर दी गई थी, लेकिन बाद में पूरे हिस्से को मजबूत बनाने के लिए नया काम करने का निर्णय लिया गया। कई बार टेंडर प्रक्रिया के बाद अब जाकर इस मरम्मत कार्य को शुरू किया गया है। नगर निगम और संबंधित विभाग अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि आगे ऐसी समस्या दोबारा न बने।