पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते भोपाल में एलपीजी की कमी हो गई है, जिससे चाय, नाश्ता, स्ट्रीट फूड और थाली के दाम 10-20% तक बढ़ गए हैं। विस्तार से जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।

भोपाल । पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी युद्ध का असर अब भोपाल के स्थानीय बाजारों में साफ दिखाई देने लगा है। खासकर एलपीजी (रसोई गैस) की कमी के कारण छोटे होटल, ढाबे और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की लागत बढ़ गई है। इसी वजह से उन्होंने चाय, कॉफी, फास्ट फूड और स्नैक्स के दामों में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है। दुकानदारों का कहना है कि उनकी ईंधन लागत बढ़ गई है। अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो कीमतें और बढ़ सकती हैं।

स्ट्रीट फूड विक्रेताओं पर सबसे ज्यादा असर
शहर के प्रमुख इलाकों में लगे फूड स्टॉल संचालकों का कहना है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता बहुत कम हो गई है। जो सिलेंडर पहले करीब 1200 रुपये में मिल जाता था, वह अब ब्लैक में दोगुने से भी ज्यादा दाम पर मिल रहा है। इस वजह से उन्हें अपने खाने के दाम बढ़ाने पड़े हैं। कुछ दुकानदारों ने सीमित संसाधनों के चलते दुकानें बंद भी कर दी हैं, जबकि कुछ वैकल्पिक ईंधन का सहारा ले रहे हैं।

संकट का चाय-नाश्ते तक पहुंचा असर
गैस की कमी का असर सिर्फ बड़े फूड आइटम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की चीजों जैसे चाय और समोसे-कचौरी पर भी पड़ा है। कई चाय दुकानों ने प्रति कप कीमत बढ़ा दी है, जबकि कुछ विक्रेता अभी पुराने दाम पर बेच रहे हैं लेकिन जल्द ही वृद्धि की बात कह रहे हैं। घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग भी बढ़ा है, लेकिन उसकी सप्लाई भी सीमित बताई जा रही है।

रेस्टोरेंट और थाली पर भी दिखा असर
रेस्टोरेंट संचालकों के अनुसार, भले ही कुछ जगहों पर अभी कीमतें स्थिर रखी गई हैं, लेकिन ग्राहकों की संख्या में गिरावट आई है। लोगों को लगता है कि बाहर खाना महंगा हो गया है, इसलिए वे बच रहे हैं। दूसरी ओर, कई जगहों पर थाली के दामों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही आटा जैसी जरूरी खाद्य सामग्री के दाम भी बढ़े हैं, जिससे लागत और बढ़ गई है।

वैकल्पिक ईंधन भी हो गए महंगे
एलपीजी की कमी के कारण कई दुकानदार इंडक्शन या डीजल स्टोव का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन इनकी कीमतों में भी भारी उछाल आ गया है। जो उपकरण पहले सस्ते मिलते थे, अब कई गुना महंगे हो चुके हैं। इससे छोटे व्यापारियों की परेशानी और बढ़ गई है। यदि आने वाले दिनों में गैस आपूर्ति सामान्य नहीं होती है, तो खाने-पीने की चीजों के दाम और बढ़ने की संभावना है। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा और रोजमर्रा का खर्च और बढ़ सकता है।